पड़ोस : 'इस्लामाबाद में रहते हैं तालिबानी परिवार': पाकिस्तानी गृहमंत्री ने किया खुलासा

    दिनांक 29-जून-2021   
Total Views |

पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद कुछ ज्यादा ही बोलने वाले माने जाते हैं, लेकिन तालिबानी परिवारों के इस्लामाबाद में बसे होने को लेकर उनका नया खुलासा, तालिबान के संदर्भ में अमेरिकी रणनीति को नया मोड़ देगा

im_1  H x W: 0
अफगान टीवी चैनल टोलो न्यूज का ट्वीट, जिसमें शेख राशिद के साक्षात्कार की जानकारी दी गई है

आखिरकार पाकिस्तान के मंत्री के मुंह से वह सच बाहर आ ही गया, जो दुनियाभर के सामरिक और कूटनीतिक विशेषज्ञ कहते आए हैं। क्या है वह सच? वह सच यह है कि तालिबानियों की पाकिस्तान में न सिर्फ मौजूदगी है, बल्कि वहां की सरकार की सरपरस्ती भी उन्हें मिली हुई है।

ध्यान रहे, यह वही पाकिस्तान है जिसने दुनियाभर में खोजे जा रहे अल कायदा सरगना को अपने यहां ठीक सैन्य छावनी के पास, किलेबंदी वाली पनाह दी हुई थी, लेकिन दुनिया के सामने हमेशा इससे मुकरता रहा था, तब तक जब तक कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने उसे ढूंढकर मार नहीं डाला।

आतंक को पनाह
अब 27 जून को उसी पाकिस्तान के एक बड़े मंत्री ने स्वीकारा है कि उनके देश में, ठीक सरकार की सरपरस्ती में, राजधानी इस्लामाबाद में अफगान तालिबानियों के परिवार बसे हुए हैं। उस मंत्री ने यह हैरान करने वाला खुलासा किया है जिसमें यह भी स्वीकारा है कि अफगान तालिबान आतंकवादियों के ये परिवार राजधानी के नामी-गिरामी इलाकों में रहते हैं। एक स्थानीय चैनल को दिए साक्षात्कार में पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद ने यहां तक कहा है कि जरूरत पड़ने पर यहां के अस्पतालों में उनके इलाज का इंतजाम किया जाता है।

यह बात जगजाहिर है कि तालिबानी जिहादी पाकिस्तान में बैठकर अफगानिस्तान में आतंकी हरकतें करते हैं, वहीं से सारी नीतियां तय करके अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। यानी आतंकवाद के ताने-बाने में पाकिस्तानी जमीन की महत्वपूर्ण भूमिका है। और इसी बात को पाकिस्तान विभिन्न मंचों पर नकारता आ रहा है।

im_1  H x W: 0
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के माथे पर बल पड़ने निश्चित हैं राशिद के इस खुलासे के बाद    (फाइल चित्र)

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने उन इलाकों का नाम भी बताया जहां तालिबानियों के परिवार बसे हैं। उनके अनुसार, रवात, लोही भेर, बहारा कहू और तरनोल जैसे इलाकों में कई ऐसे परिवार रह रहे हैं। ये सभी क्षेत्र राजधानी के नामी इलाके माने जाते हैं। राशिद ने कहा कि कभी-कभी तालिबानी आतंकियों की लाशें अस्पताल में लाई जाती हैं तो कभी वे परिवार अपने इलाज के लिये वहां जाते हैं।

पहले झुठलाया, अब स्वीकारा 
पाकिस्तान के जियो न्यूज समाचार चैनल पर गत 27 जून को शेख राशिद का यह साक्षात्कार प्रसारित किया गया था। अपने देश में बड़बोले नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले गृह मंत्री राशिद का कहना था,''तालिबानियों के परिवार रहते हैं इस्लामाबाद के मशहूर इलाकों में। और भी कई इलाकों में अनेक परिवार रह रहे हैं। जरूरत होती है तो वहीं के अस्पतालों में उनका इलाज भी होता है।'' साक्षात्कार में पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने तो उन इलाकों का नाम भी बताया जहां तालिबानियों के परिवार बसे हैं। उनके अनुसार, रवात, लोही भेर, बहारा कहू और तरनोल जैसे इलाकों में कई ऐसे परिवार रह रहे हैं। ये सभी क्षेत्र राजधानी के नामी इलाके माने जाते हैं। राशिद ने कहा कि कभी-कभी तालिबानी आतंकियों की लाशें अस्पताल में लाई जाती हैं तो कभी वे परिवार अपने इलाज के लिये वहां जाते हैं।

तालिबान और अमेरिका
उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में 20 से ज्यादा साल हो गए वहां की सरकार के साथ तालमेल करके अमेरिकी सैनिकों को तालिबानियों, उनके ठिकानों को खत्म करने, उनके कब्जाए इलाके छुड़ाने की लड़ाई लड़ते हुए। अब जब अमेरिका के सितम्बर 2021 तक अफगानिस्तान से अंतत: अपना अभियान खत्म करके जाने की घोषणा हुई है, उसके बाद से तो तालिबानी हमलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लेकिन मीडिया के एक वर्ग में खबर यह भी है कि तालिबानी आतंकी गतिविधियों में इस नए उभार के चलते संभवत: अमेरिकी फौजें कुछ और वक्त के लिए अफगानिस्तान में रुकें।

लेकिन अब खुद पाकिस्तान के गृह मंत्री व 'कप्तान' के करीबी शेख राशिद द्वारा यह खुलासा करना निश्चित ही अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों को सतर्क कर देगा। अमेरिका आगे क्या कदम उठाता है, यह वक्त के साथ साफ होगा।