गद्दारी की सजा: सरकारी नौकरी कर रहे हिजबुल चीफ सलाउद्दीन के दोनों बेटों समेत कश्मीर के 11 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

    दिनांक 10-जुलाई-2021   
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आतंकियों से संबंध रखने के मामले में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को आतंकियों के मददगार सरकारी कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने एक साथ 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इनमें आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के संस्थापक सैयद सलाउद्दीन के दो बेटे भी शामिल हैं

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 आतंकी सैयद सलाउद्दीन
 
जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकी कनेक्शन और टेरर फंडिंग केस में आतंकी सैयद सलाउद्दीन के दोनों बेटों सैयद शकील अहमद और शादिर युसुफ समेत कुल 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि, शकील अहमद श्रीनगर के 'शेरे कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस' में काम करता था वहीं शाहिद युसूफ श्रीनगर में कृषि विभाग में काम करता था।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सैयद सलाहुद्दीन के दोनों बेटों (सैयद शकील अहमद और शादिर युसुफ) समेत कुल 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। 4 कर्मचारी अनंतनाग, 3 कर्मचारी बडगाम, पुलवामा और बारामूला से एक-एक कर्मचारी को बर्खास्त किया गया है। हिजबुल का चीफ सैयद सलाहुद्दीन 2017 से अमेरिका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है।
सलाउद्दीन के दोनों बेटे जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरी में थे। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में राज्य की सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों के संदेह में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (C) के तहत पास ऑर्डर से सरकार को अधिकार है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को बिना जांच कमेटी का गठन किए बर्खास्त किया जा सकता है। टास्क फोर्स में पुलिस, कानून और न्याय, विधायी विभाग के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।