चीन : जीन में बदलाव करके अपने जवानों को और खूंखार बनाना चाहता है चीन

    दिनांक 10-जुलाई-2021   
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इतने बड़े पैमाने पर जीन संबंधी डाटा हासिल करके चीन को आर्थिक और सैन्य फायदा पहुंच सकता है। इस रास्ते से शायद चीन आनुवंशिक रूप से ज्यादा विकसित फौजी तैयार कर सकता है। ऐसे फौजी जिनकी पहाड़ी इलाकों में तैनाती होने पर सुनने व सांस लेने की काबिलियत में कोई फर्क नहीं आएगा।
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बीजिंग स्थित बीजीआई कंपनी 
चीन अपनी शरारती साजिशों पर चलना जारी रखे है। एक तरफ वह कथित कोरोना का प्रसारक देश दूसरे देशों को अपनी बनाई वैक्सीन बेचकर उनकी 'मदद' कर रहा था तो दूसरी तरफ पड़ोसी देशों पर सैन्य दबंगई भी दिखा रहा है।
अब उसकी एक ताजा शरारत सामने आई है। पता चला है कि वह अपने फौजियों को और दमदार बनाने के लिए गुणसूत्रों यानी जीन में परिवर्तन करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए ड्रेगन गर्भवती महिलाओं का जेनेटिक डाटा चुरा कर गुपचुप उसकी पड़ताल कर रहा है। इस बात का खुलासा किया है अमेरिकी सलाहकार समूह ने, और उसने यह जानकारी बाइडन सरकार के साथ साझा भी की है। अमेरिकी सलाहकारों ने बताया है कि आने वाले वक्त में जेनेटिक छेड़छाड़ करके चीन अपनी फौजियों को ज्यादा दमदार ज्यादा मारक बना लेगा। यह चीज अमेरिका के लिए बहुत खतरानाक चुनौती बनकर उभर सकती है।
लाखों महिलाओं का चुराया डाटा
अमेरिकी सलाहकारों की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की कंपनी बीजीआई समूह ने अभी तक 80 लाख से ज्यादा गर्भवती चीनी महिलाओं का डाटा इकट्ठा कर लिया है। असल में, यह कंपनी चीन सहित दुनियाभर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पहले की जांच कराने के लिए जानी जाती है। जांच से पता लगाया जाता है कि पैदा होने वाले बच्चे में कोई जीन संबंधी दोष तो नहीं है। रिपोर्ट दावा करती है कि इस जांच की आड़ में बीजीआई ने बड़े पैमाने पर गर्भवती महिलाओं का जीन डाटा जमा किया है।जीन डाटा में महिला की उम्र, वजन, लंबाई व पैदा होने की जगह जैसी तमाम जानकारियां होती हैं। इसी के आधार पर कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से ऐसे मानव गुणों का पता लगाया जा रहा है, जिनसे आगे पैदा होने वाले बच्चों के शारीरिक गुणों में हेर—फेर की जा सके।

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प्रतीकात्मक चित्र 
और दमदार बनेंगे चीन के सैनिक!
बताया जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर जीन संबंधी डाटा हासिल करके चीन को आर्थिक और सैन्य फायदा पहुंच सकता है। इस रास्ते से शायद चीन आनुवंशिक रूप से ज्यादा विकसित फौजी तैयार कर सकता है। ऐसे फौजी जिनकी पहाड़ी इलाकों में तैनाती होने पर सुनने व सांस लेने की काबिलियत में कोई फर्क नहीं आएगा। साथ ही, अमेरिकी विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस डाटा के माध्यम से चीन दवा निर्माण के क्षेत्र में दुनिया में दबदबा बनाकर या खाद्य आपूर्ति पर निशाना साधकर अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने नई तरह की चुनौतियां खड़ी कर सकता है।