जगन्‍नाथ पुरी रथयात्रा-2021: बिना श्रद्धालुओं के 12 जुलाई से शुरू होगी रथयात्रा

    दिनांक 10-जुलाई-2021   
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नौ दिनों तक चलने वाली भगवान जगन्‍नाथ पुरी रथयात्रा 12 जुलाई से केवल पुरी में निकाली जाएगी। वही, सेवक रथ खींच सकेंगे, जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होगी और जिन्‍होंने कोरोना वैक्‍सीन की दोनों खुराकें ली हैं।
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कोरोना महामारी के कारण लगातार दूसरे साल श्रद्धालुओं की भागीदारी के बिना जगन्नाथ पुरी रथयात्रा निकाली जाएगी। जगन्‍नाथ पुरी मंदिर प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकॉल का सख्‍ती से पालन करते हुए रथयात्रा का आयोजन करेगा। जिनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव होगी, उन्‍हीं सेवादारों को भगवान जगन्‍नाथ का रथ खींचने की अनुमति दी जाएगी।
मंदिर प्रशासक अजय जेना ने कहा, "पिछले साल की तरह इस साल भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश और ओडिशा सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, 12 जुलाई को रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। रथयात्रा में किसी भी श्रद्धालु को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। रथ खींचने वाले उन्‍हीं सेवादारों को रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जिनका आरटी-पीसीआर निगेटिव है और जिन्‍होंने कोरोनारोधी दोनों टीके लगवाए हैं। पुलिस कर्मियों को छोड़कर लगभग 1,000 अधिकारियों को तैनात किया जाएगा।" मंदिर प्रशासक के अनुसार, 3,000 'सेवायत' (सेवादार) और 1000 मंदिर अधिकारियों को सभी अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए पुरी में 8 जुलाई से चार जगहों पर आरटी-पीसीआर परीक्षण किए जा रहे हैं। इन्‍हीं सेवादारों को स्नान पूर्णिमा और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति होगी। पिछले वर्ष के कार्यक्रम के दौरान लगाई गई सभी पाबंदियां इस बार भी लागू रहेंगी। श्रद्धालु इन कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण टेलीविजन और वेबकास्ट पर देख पाएंगे। 12-20 जुलाई यानी 9 दिन तक चलने वाली रथयात्रा तय कार्यक्रम के अनुरूप शुरू होगी और मात्र 500 सेवादारों को रथ खींचने की अनुमति होगी। देवशयनी एकादशी यानी 20 जुलाई को रथयात्रा का समापन हो जाएगा।
क्‍या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
इससे पहले कोरोना के डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप और तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने केवल पुरी में ही रथयात्रा आयोजन और शेष सभी जगन्‍नाथ मंदिरों के परिसर में अनुष्‍ठान की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ श्रद्धालुओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बारीपदा, सासांग और ओडिशा के अन्‍य शहरों में रथयात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी। लेकिन 6 जुलाई को शीर्ष अदालत ने कोरोना के डेल्‍टा प्‍लस वैरिएं के बढ़ते प्रकोप और तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर राज्‍य सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए पूरे राज्‍य में रथयात्रा निकालने पर पाबंदी लगा दी। मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति एन.वी. रमन्‍ना की अगुवाई वाली तीन सदस्‍यीय पीठ के आदेशानुसार, रथयात्रा केवल पुरी में निकाली जाएगी और उसका दायरा भी सीमित होगा।