पाकिस्तान : खुलेंगे 100 साल पुराने गुरुद्वारे के द्वार

    दिनांक 10-जुलाई-2021   
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खैबर पख्तूनख्वा सूबे की सरकार ने मानशेरा जिले में स्थित इस गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार की इजाजत दी है। इवेक्यूई ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड ने सूबे की सरकार से उक्त गुरुद्वारे को ठीक करने के लिए अनुमति मांगी थी। उल्लेखनीय है कि यही बोर्ड स्थानीय पांथिक सम्पदा तथा हिंदू-सिखों के आस्थास्थलों की देखरेख करता है।
इमरान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा स्थित सौ साल पुराने गुरुद्वारे को फिर से खोलने का आदेश दिया है 
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गुरुद्वारे का दरबार हाल, जहां लाइब्रेरी की पुस्तकें रखी दिख रही हैं (फाइल चित्र) 
पाकिस्तान में सिख समुदाय की बहुत वर्षों से रही मांग के आगे झुकते हुए आखिरकार वहां की सरकार ने 100 साल पुराने गुरुद्वारे के द्वार फिर से खोलने का आदेश दिया है। श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहा प्राचीन श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में स्थित है। इस गुरुद्वारे पर सरकार का नियंत्रण है। कई वर्ष पूर्व इस प्राचीन गुरुद्वारे को लाइब्रेरी बना दिया गया था। तब से सिख संगठन लगातार इसके विरुद्ध प्रदर्शन करते आ रहे थे और इसे फिर से श्रद्धालुओं के खोलने की मांग करते आ रहे थे। अंतत: सिख समुदाय के इस विरोध के सामने इमरान सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं। बताया गया है कि अब इस गुरुद्वारे के पुनरुद्धार का काम पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों से जुड़ी एक चोटी की संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है।
मानशेरा जिले में है श्रीगुरु सिंह सभा गुरुद्वारा
खैबर पख्तूनख्वा सूबे की सरकार ने काफी सोचने—विचारने के बाद मानशेरा जिले में स्थित इस गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार की इजाजत दी है। इवेक्यूई ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड ने खैबर पख्तूनख्वा सूबे की सरकार से उक्त गुरुद्वारे को ठीक करने के लिए अनुमति मांगी थी। उल्लेखनीय है कि यही बोर्ड स्थानीय पांथिक सम्पदा तथा हिंदू—सिखों के आस्थास्थलों की देखरेख करता है। बोर्ड के चेयरमैन आमेर अहमद ने कहा है कि यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा अपनी दिव्यता के लिए जाना जाता है। गुरुद्वारे में मरम्मत का काम पूरा होते ही, इसे कुछ महीनों बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। लोग गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन और प्रार्थना कर पाएंगे। बोर्ड के चेयरमैन अहमद ने यह भी बताया कि श्रद्धालु इस गुरुद्वारे में दर्शनों के लिए आ—जा सकेंगे। जैसा पहले बताया, लगभग 20 साल हुए जब सूबे की सरकार ने इस गुरुद्वारे को लाइब्रेरी बना दिया था।