अफगानिस्तान: तुर्की को तालिबान की धमकी-काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा की तो गंभीर नतीजे भुगतोगे

    दिनांक 14-जुलाई-2021   
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कंधार और गजनी में तालिबानी कब्जे की कोशिशों से जबरदस्त लोहा ले रहे हैं अफगानी फौजी
 
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काबुल हवाई अड्डा  (फाइल चित्र)

अमेरिका और तुर्की के बीच बनी आपसी समझ से चिढ़े तालिबान लड़ाकों ने अब उसी तुर्की को धमका दिया है जो पाकिस्तान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में अपने लिए जमीन तलाशने में लगा था। अफगानिस्तान में उन्मादी तालिबान ने पाकिस्तान के इसी सहयोगी और सरपरस्त को 'सलाह' दी है कि वह अमेरिका के इशारों पर काबुल हवाई अड्डे  पर अपने फौजी न लगाए नहीं तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उधर कंधार से मिली खबर के अनुसार वहां अफगान फौज और जिहादी लड़ाकों के बीच जबरदस्त जंग जारी है। इसके चलते वहां से बड़ी तादाद में नागरिक पलायन कर गए हैं और बचे हैं वे डर के साए में जीने को मजबूर हैं।

कंधार में मौजूदा हालात के बारे में सूबे की परिषद में शामिल अताउल्लाह अत्ता ने बताया है कि वहां तालिबानी कब्जे को लेकर जबरदस्त लड़ाई छिड़ी है। तालिबान ने कंधार की जेल पर कब्जा करने की कोशिश तो की पर उसे वहां से दूर खदेड़ दिया गया है। कंधार के दूरस्थ इलाकों से आम लोग पलायन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भय है कि अफगान फौज वहां से दूर है और ऐसे में अगर तालिबान यहां काबिज हो गए तो उनके जानो-माल को बचाने वाला कोई नहीं है। 

मीडिया में आई खबरों से यह भी पता चला है कि तालिबान गजनी को कब्जाने के लिए भी जंग छेड़े हुए हैं। गजनी में पिछले चौबीस घंटे जबरदस्त लड़ाई छिड़ी रही और इसमें करीब 30 नागरिकों की जान गई है। तालिबानों ने गजनी को चारों तरफ से घेरा हुआ है। उन्होंने काबुल में भी अफगानी फौजियों की ताकत कम करने की योजना पर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। इस बीच तालिबानी जिहादियों ने तुर्की को सीधी धमकी है कि अगर उसने अमेरिका और नाटो सेना के वहां से लौटने के बाद काबुल हवाई अड्डे  पर अपने फौजी तैनात किया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

उल्लेखनीय है कि तुर्की ने काबुल एयरपोर्ट को अपनी सुरक्षा में लेने की बाबत अमेरिका को आश्वस्त किया है और उसका यही पैंतरा तालिबान को हजम नहीं हो रहा है लिहाजा उसने तुर्की को साफ शब्दों में चेताया है। तालिबान की मंशा है काबुल में पश्चिमी देशों की फौजों के निकलने के बाद जरूरत पड़ी तो वह अफगानी फौज से मुकाबला करे, कोई बाहरी देश फिर दखल न दे।

उधर एक राहत भरी खबर यह है कि बदख्शान सूबे के कुरान-वा-मुंताज जिले को अफगान फौज ने तालिबान के कब्जे से आजाद करा लिया है। आईएएनएस के अनुसार, यह बदख्शान का दूसरा जिला है, जिस पर फिर से कब्जा हासिल किया गया है। पहले यफ्ताल को भी फौज ने जिहादियों के कब्जे से छुड़ाया था।


तुर्की ने काबुल एयरपोर्ट को अपनी सुरक्षा में लेने की बाबत अमेरिका को आश्वस्त किया है और उसका यही पैंतरा तालिबान को हजम नहीं हो रहा है, लिहाजा उसने तुर्की को साफ शब्दों में चेताया है। तालिबान की मंशा है कि काबुल में पश्चिमी देशों की फौजों के निकलने के बाद, जरूरत पड़ी तो वह अफगानी फौज से मुकाबला करे, कोई बाहरी देश फिर दखल न दे।