भूटान ने अपनाया भारत का भीम-यूपीआई

    दिनांक 14-जुलाई-2021   
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सिंगापुर के बाद भीम-यूपीआई अपनाने वाला दूसरा और भीम यूपीआई क्‍यूआर आधारित भारतीय भुगतान प्रणाली अपनाने वाला पहला देश बना भूटान। भारत के रूपे कार्ड को यूएई, सिंगापुर और भूटान पहले ही अपना चुके हैं।
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वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान भूटान में भीम-यूपीआई की शुरुआत करती वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमन
 

भूटान ने भारत एकीकृत भुगतान प्रणाली भीम-यूपीआई को अपने यहां लागू किया है। एक आभासी कार्यक्रम के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमन और भूटान के वित्‍त मंत्री ल्योंपो नमगेय शेरिंग ने संयुक्‍त रूप से मंगलवार को भूटान में भीम यूपीआई (BHIM UPI) एप को लांच किया। सिंगापुर के बाद भीम एप अपनाने वाला भूटान दूसरा देश है।

भीम-यूपीआई अपनाने वाला भूटान दुनिया का पहला देश है, जहां भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के मानकों के आधार पर क्‍यूआर (QR) कोड तैयार किया जाएगा। इसके अलावा दुनिया में केवल भूटान में ही भीम-यूपीआई के साथ भारत का रूपे (RuPay) कार्ड भी प्रयोग किया जाता है। इस लोकार्पण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2019 में भूटान यात्रा के दौरान किया गया वादा पूरा हुआ है। भारत एवं भूटान के बीच रूपे कार्ड की स्वीकार्यता पहले ही क्रियान्वित हो चुकी है। भीम यूपीआई के क्रियान्वित होने से भारत एवं भूटान के भुगतान इन्फ्रास्ट्रक्चर एक-दूसरे से अच्छी तरह से जुड़ गए हैं।

कोरोनाकाल में भीम से 22 अरब लेन-देन

एप लांचिंग के अवसर पर निर्मला सीतारमन ने कहा कि भारत से सालाना दो लाख से अधिक लोग भूटान घूमने जाते हैं। भीम एप शुरू होने से उन्‍हें वहां लेन-देन में आसानी होगी। लांच के बाद सीतारमन ने भूटानी ओजीओपी आउटलेट से जैविक उत्पाद खरीदने के लिए भीम-यूपीआई से लेन-देन किया। यह आउटलेट भूटान में स्थानीय समुदायों द्वारा जैविक रूप से बनाए गए ताजा कृषि उत्पाद बेचता है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भीम-यूपीआई से भारत में डिजिटल लेनदेन का बड़ा मंच बना। 2020-21 में इससे 41 लाख करोड़ रुपये 22 अरब लेन-देन किए गए। 2020 में यूपीआई के जरिए 457 अरब डॉलर का करोबार हुआ, जो देश के लगभग 15 प्रतिशत जीडीपी के बराबर है।


भूटान में ऐसे किए जा सकेंगे भुगतान

भारत इंटरफेस फॉर मनी (बीएचआईएम) भारत का डिजिटल भुगतान एप्लिकेशन है जो यूपीआई के माध्यम से काम करता है। यह तत्काल रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है। यूपीआई कई बैंक खातों को एक ही मोबाइल एप्लिकेशन में सक्षम बनाता है। देश के नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीएल) की अंतरराष्‍ट्रीय शाखा एनपीसीएल इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनपीआईएल) ने भूटान की रॉयल मॉनेटरी अथॉरिटी (आरएमए) के साथ साझीदारी की घोषणा की है। इसी के तहत वहां भीम यूपीआई क्‍यूआर आधारित भुगतान किए जा सकेंगे।

सिंगापुर पहले ही अपना चुका भीम और रूपे कार्ड

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई, 2018 को सिंगापुर में भीम, रूपे कार्ड और एसबीआई एप को लांच किया था। रूपे से सिंगापुर की 33 साल पुरानी नेटवर्क फॉर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स ट्रांसफर्स (एनईटीएस) से जोड़ा गया गया था। यानी रूपे के उपयोक्ता सिंगापुर में उन सभी जगहों पर भुगतान कर सकते थे, जहां एनईटीएस स्वीकार्य था। इसके बाद, नवंबर 2019 में पहली बार सिंगापुर फिनटेक महोत्‍सव में क्यूआर कोड आधारित भुगतान सेवा भीम-यूपीआई का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन किया गया। इससे पहले अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के बाजार में रूपे कार्ड की पेशकश की थी। तब संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया था, जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया। भारत इससे पहले सिंगापुर और भूटान में रूपे कार्ड का चलन शुरू हो चुका था।