छत्तीसगढ़ में ईसाई मिशनरियां सेवा के नाम पर कर रही कन्वर्जन

    दिनांक 14-जुलाई-2021   
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ईसाई मिशनरियां सेवा के नाम पर हमेशा से कन्वर्जन को बढ़ावा देती आई हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में अवैध बालगृह का पर्दाफाश होने के बाद राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी इस संबंध में नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है

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ईसाई मिशनरियों ने प्रार्थना, दवाई और पढ़ाई को कन्वर्जन करने का तरीका बना लिया है। हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवा रायपुर के सेक्टर 29 में अवैध बालगृह चलाने का पता चला था। जांच के दौरान पता चला कि यहां का संचालक के बाद पास बालगृह चलाने की कोई अनुमति भी नहीं थी और वह बच्चोंं को बाइबिल पढ़ाता था। वह चंडीगढ़ में बाइबिल का शिक्षक रह चुका है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल आयोग के चैयरमेन प्रियंक कानूनगो का कहना है कि बालगृह अवैध रूप से चलाया जा रहा था। उसमें जो बच्चे थे वह सभी मध्यप्रदेश के थे। हमने इस संबंध में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़ में कन्वर्जन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन धर्मजागरण मंच ने घर वापसी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
मंच की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि मिशनरी और उनके प्रचारक गरीबों और बीमारों के अलावा ऐसे लोगों जाल में फंसा रहे हैं, जिनके बच्चे पढ़ाई तो करना चाहते हैं, पर आर्थिक तंगी के कारण स्कूल या कालेज नहीं जा पा रहे हैं। वे ऐसे परिवार की मदद करते हैं और उनका कन्वर्जन करवाते हैं।
उनके निशाने पर अनुसूचित जाति के अलावा अन्य पिछड़े वर्ग के लोग होते हैं। छत्तीसगढ़ केमस्तूरी बेलतरा और कोटा विधानसभा क्षेत्र में इनकी सक्रियता और पकड़ मजबूत हो रही है। ढेका, खैरा और जयरामनगर जैसे इलाके में भी गहरी पैठ बना ली है। कोरोना संक्रमणकाल में प्रार्थना सभा और मदद के बहाने गांव-गांव में इनकी सक्रियता और बढ़ी है। प्रदेश भाजपा के मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का कहना है कि धर्म जागरण मंच के अलावा भाजपा कार्यकर्ता लगातार ऐसे लोगों के संपर्क में रहते हैं, जिनके कन्वर्जन की आशंका रहती है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि कन्वर्जन न हो पाए। इसके लिए हम सभी प्रकार की मदद का आश्वासन भी दे रहे हैं। मोबाइल के जरिए हमारा सतत संपर्क बना रहता है।