भोपाल में नवनिर्मित शैक्षिक एवं शोध संस्थान 'अक्षरा' का लोकार्पण

    दिनांक 15-जुलाई-2021   
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गत 13 जुलाई को भोपाल में विद्या भारती मध्य क्षेत्र द्वारा नवनिर्मित शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान 'अक्षरा' का लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने किया।
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शैक्षिक एवं शोध संस्थान 'अक्षरा' का लोकार्पण करते हुए श्री दत्तात्रेय होसबाले। साथ में हैं श्री शिवराज सिंह चौहान और विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी 

पूरे भारत में शैक्षणिक संस्थान चलाने वाली संस्था विद्या भारती शोध कार्य एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी चलाती है। इसे गति देने के लिए भोपाल में एक शोध संस्थान का निर्माण किया गया है। इसका लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने 13 जुलाई को किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री दू.सी. रामकृष्ण राव, विद्या भारती मध्य क्षेत्र के अध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता, विद्या भारती मध्य क्षेत्र के सचिव श्री विवेक शेंडे भी उपस्थित थे।

अपने उद्बोधन में श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस केंद्र से शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का कार्य होगा जो पूरे देश में एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा। विद्या भारती की संस्थाओं से अन्य राज्यों में भी इस प्रकार के केंद्र संचालित हो रहे हैं। विद्या भारती मध्य क्षेत्र ने अखिल भारतीय स्तर पर अपना स्थान बनाया है। उन्होंने कहा विद्या भारती के पूर्व छात्रों ने इस वैश्विक महामारी में जिस प्रकार से कार्य किया है वह मन को प्रसन्न करने वाला है। यह कार्य बताता है कि विद्या भारती के विद्यालय अपने विद्यार्थियों को क्या संस्कार देते हैं। पूर्व छात्रों ने हर क्षेत्र में अपने विद्यालय से प्राप्त संस्कारों का प्रदर्शन कर सेवा का कार्य कर इतिहास रचा है और उन्होंने अपने मानव होने का प्रकटीकरण किया है।

उन्होंने कहा कि महामारी के कारण शिक्षा व्यवस्था कुंठित हो गई थी, अन्य आयाम भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। अब धीरे-धीरे सब ठीक होता जा रहा है। इस महामारी के दौरान हम सबको मिलकर उसका सामना करना है। उससे लड़ना है न कि एक—दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर समय निकालना है। हम सबको एक दिशा में सोच कर इस समस्या का निदान कैसे हो, विजय प्राप्त कैसे हो, उस पर विचार कर आगे बढ़ना है।

इससे पूर्व कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए श्री विवेक शेंडे ने बताया कि देश भर में विद्या भारती शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य करती है। देश में अनेक प्रशिक्षण संस्थान हैं, उसी क्रम में मध्य क्षेत्र में प्रशिक्षण की दृष्टि से इस संस्थान का निर्माण किया गया है।

श्री दू. सी. रामकृष्ण राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह शोध, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में यह संस्थान बड़ी भूमिका निर्वहन करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों के कौशल विकास पर जोर दिया गया है। इस प्रशिक्षण शोध संस्थान में शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे और उस दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जो आचार्य है, शिक्षक है, वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रथम पंक्ति का योद्धा है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करना है। ज्ञानार्जन एक ही दिशा से नहीं, बल्कि कहीं से भी प्राप्त हो सकता है। ज्ञान के जो स्रोत हो वहां से हमें ज्ञान स्वीकार करना चाहिए।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा का कार्य केवल सरकार के हाथों में हो ऐसा बिल्कुल नहीं है, सामाजिक क्षेत्र की संस्थाएं यह कार्य बखूबी निभा रही हैं जिसमें विद्या भारती एक बड़ी संस्था है। विद्या भारती ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्माण में बड़ा योगदान दिया है और क्रियान्वयन में भी यह बड़ी भूमिका निभा रही है।

इस अवसर पर विद्या भारती मध्य क्षेत्र की पत्रिका "अक्षरा" का भी विमोचन अतिथियों के कर कमलों से कराया गया। इसका संपादन डॉक्टर संजय पटवा ने किया है। इससे पूर्व इसी परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती मध्य भारत प्रांत प्रमुख डॉ श्रीराम भावसार ने किया। आभार प्रदर्शन मध्य क्षेत्र के श्री जितेंद्र सिंह ने किया।