अमेरिका : सिंध में हिन्दू, ईसाई हो रहे जबरन कन्वर्जन के शिकार, यूएस सांसद ने की यूएसएड से मदद की गुहार

    दिनांक 17-जुलाई-2021   
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अमेरिकी कांग्रेस की इस सुनवाई के दौरान सामंथा से शर्मन का कहना था, ‘मुझे उम्मीद है कि आप यह सुनिश्चित करेंगी कि सिंध इलाके को अमेरिकी सहायता का उचित भाग मिले, विशेषकर इसलिए क्योंकि वहां के लोग हिंदू और ईसाई लड़कियों के लापता होने और उनके जबरन कन्वर्जन की समस्या से जूझ रहे हैं।’
पाकिस्तान के सिंध में अल्पसंख्यकों यानी हिन्दुओं, ईसाइयों को बड़े पैमाने पर कन्वर्जन का शिकार बनाए जाने का मामला उठा यूएसएड में
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सांसद ब्रैड शर्मन 
हाल ही में हिंदुओं और ईसाइयों के जबरन कन्वर्जन से त्रस्त पाकिस्तान के सिंध सूबे का अमेरिकी सांसद ने संज्ञान लेते हुए बाइडेन सरकार से इस पर दखल देने की अपील की है। उन्होंने इस पर प्रभावी रोक लगावाने की कोशिश करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि सिंध में आएदिन हिन्दुओं की नाबालिग लड़कियों, जनजातीय लोगों को जबरन कन्वर्जन का शिकार बनाया जा रहा है। ईसाइयों के साथ भी ठीक यही किया जा रहा है। लेकिन इन दोनों अल्पसंख्यक समुदायों की सुध लेने वाला वहां कोई नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन की यह अपील खास मायने रखती है।
अमेरिका के एक काफी असरदार सांसद के नाते पहचाने जाने वाले शर्मन ने स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं और ईसाइयों का जबरन कन्वर्जन किया जा रहा है। तमाम तथ्यों के साथ उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार से उस इलाके में अमेरिका की तरफ से मदद किए जाने की मांग की है। इस मुद्दे के साथ ही शर्मन ने यूएसएड की प्रशासक सामंथा पावर के साथ कांग्रेस की सुनवाई के दौरान श्रीलंका में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का विषय भी उठाया है।
अमेरिकी कांग्रेस की इस सुनवाई के दौरान शर्मन का कहना था, ‘मुझे उम्मीद है कि आप यह सुनिश्चित करेंगी कि सिंध इलाके को अमेरिकी सहायता का उचित भाग मिले, विशेषकर इसलिए क्योंकि वहां के लोग हिंदू और ईसाई लड़कियों के लापता होने और उनके जबरन कन्वर्जन की समस्या से जूझ रहे हैं।’ इसके साथ ही उनका कहना था, 'श्रीलंका के गृहयुद्ध ने उस देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को बर्बाद कर दिया है।' यूएसएड की प्रशासक सामंथा पावर ने फिलहाल शर्मन के उठाए गए इस मुद्दे का कोई सीधा जवाब नहीं दिया है।
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सिंध में माल्टी के नगरपालिका अध्यक्ष अब्दुल निजामनी द्वारा जारी हिन्दुओं के कन्वर्जन के वीडियो से लिए चित्र में बाएं है मौलवी और बीच में खुद निजामनी (फाइल चित्र) 
हिंदुओं का सामूहिक कन्वर्जन
अभी पिछले ही दिनों, पाकिस्तान के सिंध सूबे में माल्टी इलाके में करीब 60 हिंदुओं को जबरन कलमा पढ़वाया गया था। उन्हें इस्लाम में कन्वर्ट किया गया था। और यह सब हुआ वहां के नगरपालिका अध्यक्ष अब्दुल निजामनी की मौजूदगी में। यानी सिर्फ मुल्ला—मौलवी और कट्टर मजहबी तत्व ही नहीं, वहां का प्रशासन भी ऐसे कन्वर्जन में सहायक होता है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। वहां की कुछ 22 करोड़ की आबादी में हिन्दू सिर्फ 45 लाख बचे हैं यानी दो प्रतिशत के करीब। इनमें से ज्यादातर हिंदू सिंध सूबे के निवासी हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष ने उस सामूहिक कन्वर्जन के बाद अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘अल्हम्दुलिल्लाह, आज मेरी देखरेख में 60 लोग मुसलमान बने हैं। इनके लिए दुआ करें।’ निजामनी ने फेसबुक पर एक वीडियो भी साझा किया था जिसमें मौलवी को कन्वर्टिड हिन्दुओं से कलमा पढ़ाते दिखाया गया था। पाकिस्तान के सिंध सूबे में हिन्दुओं का ऐसे सामूहिक कन्वर्जन बड़ी आम बात हो चली है क्योंकि शासन की तरफ से इसके लिए कोई सजा नहीं दी जाती, दोषी तय नहीं होते, मुकदमा दायर नहीं होता। इसीलिए इस सूबे से पहले भी हिन्दुओं और ईसाइयों के, खासकर किशोर लड़कियों को अगवा करने, जबरन कन्वर्जन करके निकाह करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनेक बार पाकिस्तान की इस विषय पर आलोचना हो चुकी है, लेकिन यह कट्टर इस्लामी देश अपना चलन नहीं सुधार रहा है।