सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर फरीदाबाद के खोरी गांव में जारी है तोड़फोड़

    दिनांक 17-जुलाई-2021   
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फरीदाबाद में अरावली वन क्षेत्र में अवैध रूप से बसाए गए खोरी गांव में अब तक 2,000 घरों को तोड़ दिया गया है। जमीन जिहादियों का अड्डा बन चुके इस गांव पर पिछले सप्ताह ही पाञ्चजन्य में एक बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।
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दिल्ली-फरीदाबाद की सीमा पर स्थित अरावली वन क्षेत्र में बसे नई खोरी गांव में पिछले तीन दिन से त़ोड़फोड़ जारी है। गांव को पुलिस—प्रशासन ने चारों ओर से घेर रखा है और अंदर घरों को तोड़ने की कार्रवाई चल रही है। यह सब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हो रहा है। बता दें कि यह गांव भू माफिया के कारण वन क्षेत्र में अवैध रूप से बसा था। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय ने इसे तोड़कर 19 जुलाई तक अदालत में रिपोर्ट देने को कहा है। यानी फरीदाबाद प्रशासन अदालत के आदेश का पालन कर रहा है, लेकिन तथाकथित कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इस गांव के बारे में ऐसा हंगामा किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर इस गांव की चर्चा हुई और कहा गया कि भारत में लोगों को एक झटके में विस्थापित कर दिया जाता है। दरअसल, इन कथित मानवाधिकारों संगठनों पर जिहादी तत्वों और कन्वर्जन में लगे ईसाई मिशनरियों की पकड़ है और नई खोरी गांव को बसाने में इन्हीं तत्वों का हाथ है। जब सर्वोच्च न्यायालय ने गांव को तोड़ने का आदेश दिया तब इन तत्वों से जुड़े अनेक लोग सक्रिय हुए और गांव के घर टूटें न, इसका प्रयास करते रहे। लेकिन फरीदाबाद प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश सं बंधा हुआ था, इसलिए उस कार्रवाई करनी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले 15 साल के अंदर नई खोरी गांव में लगभग 10,000 घर बने हैं। इसके अलावा 16 मस्जिदें, आठ मदरसे और चार चर्च बने हैं। यह सब 80 एकड़ के अंदर हैं। इसी से पता चलता है कि यहां जमीन जिहाद किस हद तक चल रहा था।