मुद्दा : करीना की किताब के शीर्षक से चिढ़े ईसाई संगठन, ईशनिंदा का आरोप

    दिनांक 17-जुलाई-2021   
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अल्फा ओमेगा क्रिश्चन महासंघ के अध्यक्ष आशीष शिंदे ने महाराष्ट्र के बीड में श‍िवाजी नगर पुलिस थाने में करीना कपूर की किताब के विरुद्ध श‍िकायत दर्ज कर दी। शिंदे का कहना है कि 'बाइबिल एक पवित्र शब्‍द है और किसी किताब का नाम उस पर रखना उनकी पांथिक भावनाओं को ठेस पहुंचा गया है।' 
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अपनी पुस्तक 'प्रेग्नेंसी बाइबिल' के साथ करीना कपूर 
फिल्म कलाकार सैफ अली खान द्वारा 13 साल की शादी के बाद पहली बीवी अमृता सिंह को तलाक देने के बाद, उनकी दूसरी बीवी बनी, फिल्म कलाकार करीना कपूर की गर्भावस्था पर आई किताब को लेकर एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। करीना इस किताब के शीर्षक 'प्रेग्‍नेंसी बाइबिल' को लेकर विवादों में है। 'गर्भावस्था की बाइबिल' किताब में करीना ने अपने बच्चों के लालन—पालन को लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे वह अपने बच्चे के जन्म के वक्त एकदम सही मां नहीं थी। उसे उसका डायपर तक बदलना नहीं आता था वगैरह वगैरह। करीना ने गत 9 जुलाई को अपनी यह किताब लोकर्पित की थी। फरवरी 2021 में ही अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली करीना ने इस किताब को अपना 'तीसरा बच्चा' बताया।
करीना अपनी इस किताब में अपनी गर्भावस्था और दोनों बच्चों की परवरिश के अनुभव लिखे हैं। उसने किताब के शुरु में मातृत्व और काम के बीच संतुलन का जिक्र किया है। करीना ने अपनी माता बबीता कपूर और घर में काम करने वाले सहायकों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने कदम—कदम पर उसका इतना साथ दिया है।
अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस ने, जाने क्यों, बड़े चाव के साथ करीना की उस किताब के अंश छापे हैं कि वह कैसे बच्चे को डायपर पहनाना नहीं जानती थी।
लेकिन खबर का मुद्दा यह नहीं है कि करीना ने अपने बच्चों की परवरिश में कितने पपाड़ बेले या नहीं बेले, क्योंकि तस्वीरों में उसके बच्चे ज्यादातर आया के साथ ही देखने में आए हैं। मुद्दा यह है कि करीना की इस किताब 'प्रेग्नेंसी बाइबिल' के बाजार में उतरने के साथ ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
खड़ा हो गया विवाद
एक ईसाई संस्था है अल्फा ओमेगा क्रिश्चन महासंघ। ये चिढ़ गया है किताब के शीर्षक से। संस्था के अध्यक्ष आशीष शिंदे ने इस किताब के नाम पर बावेला खड़ा कर दिया है। वे इससे इतने ज्यादा गुस्से से लाल—पीले हुए कि महाराष्ट्र के बीड में श‍िवाजी नगर पुलिस थाने में श‍िकायत दर्ज करवा दी। शिंदे का कहना है कि 'बाइबिल एक पवित्र शब्‍द है और किसी किताब का नाम उस पर रखना उनकी पांथिक भावनाओं को ठेस पहुंचा गया है।' उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए के तहत ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हालांकि पुलिसथाने के प्रभारी साईनाथ थोमब्रे ने शिंदे को मुम्बई में शिकायत दर्ज कराने को कहा है क्योंकि किताब वहीं छपी है।
क्या इसका मतलब यह लगाया जाए कि बाइबिल चूंकि एक पवित्र ग्रंथ है, जिसका जिक्र किसी ऐसी—वैसी किताब के शीर्षक में करना गलत है? या इसका मतलब यह है कि शिंदे को लगता है, 'गर्भावस्था' जैसी बातों की किताब की ऐसी हैसियत नहीं है कि उसके शीर्षक में 'बाइबिल' जैसा 'पवित्र' नाम जोड़ा जाए? या फिर शिंदे को लगता है कि 'बाइबिल' जैसा 'पवित्र शब्द' किसी भी किताब के शीर्षक में जुड़ा तो 'अपवित्र' हो जाएगा? या इससे भी बढ़कर, किसी किताब के शीर्षक भर में 'बाइबिल' का नाम आना ईसाइयत से जुड़ी भावना को ठेस पहुंचा देगा?
कानपुर में भी उबला गुस्सा
कारण कुछ भी हो, पर कानपुर का अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड तो और भी ज्यादा नाराज है इस किताब के शीर्षक को लेकर। इतना गुस्से में है वह कि उसके खिलाफ कार्रवाई तक की मांग की है। बोर्ड के सदस्यों ने पुलिस आयुक्त से भेंट करके किताब लिखने वाली करीना और शीर्षक को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया। फिर करीना पर कार्रवाई करने की मांग की। इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं डायमंड यूसुफ। यूसुफ का कहना है कि जब ईसाई समुदाय वालों को इस किताब के बारे में पता चला तो सबने शीर्षक पर एतराज जताया। मसीह समाज के लोग इस चीज से काफी आहत हुए हैं।
इन लोगों में करीना के खिलाफ इतना गुस्सा पैदा हुआ कि फौरन बैठक करके फैसला लिया कि बोर्ड कानून के तहत इस चीज का विरोध करेगा, जिसके बाद बोर्ड की तरफ से पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में करीना कपूर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग है। और उनकी नजर में मामला इतना गंभीर है कि अगर पुलिस ने इस बारे में कुछ नहीं किया तो वे अदालत में जाकर गुहार करेंगे।