मेवात के हिन्दुओं को ‘पलायन नहीं पराक्रम’ दिखाना होगा

    दिनांक 19-जुलाई-2021   
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फरीदाबाद में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की बैठक में 17 जुलाई को मेवात (हरियाणा) की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। इसके बाद विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन ने एक वक्तव्य जारी किया। इसमें उन्होंने मेवात की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विहिप मेवात के हिन्दुओं के साथ है, इसलिए वहां के हिन्दू ‘पलायन नहीं पराक्रम’ दिखाएं

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फरीदाबाद में मीडिया से बात करते डॉ. सुरेन्द्र जैन, साथ में हैं विहिप के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नारायण सिंह

हरियाणा का मेवात, जो कभी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का स्थान रहा है, आज दुर्भाग्य से जिहादी षड्यंत्रों से त्रस्त होकर अपना चरित्र खो चुका है। मेवात में महाभारतकालीन कई तीर्थस्थल हैं परन्तु आज वहां पर हिंदुओं के मंदिरों पर जिहादियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है और कई मंदिरों में हिंदू प्रवेश भी नहीं कर सकता। वह स्थान जो बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में हिंदू—बहुल था, आज कन्वर्जन के कुचक्र के कारण मुस्लिम—बहुल बन गया है और वहां हिंदू का जीना दूभर हो गया है। जिहादी तत्व अनियंत्रित होकर हिंदुओं पर अकल्पनीय और अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं। हिंदू महिलाओं के अपहरण, छेड़खानी  और शीलभंग की घटनाएं होती रहती हैं। हरियाणा में गोहत्या प्रतिबंध का कानून होने के बावजूद वहां पर खुलेआम गाय काटी जाती है। हिंदुओं के जबरन कन्वर्जन की घटनाएं तथा हिंदू लड़कियों के विवाह समारोह पर हमला करके सामान लूट लेना और लड़कियों को उठाने की शिकायतें भी आती रहती हैं।

आज वहां हिंदू का जीना दूभर हो गया है इसलिए कई स्थानों से हिंदू पलायन भी कर रहा है। आज वहां 103 गांव हिंदू—विहीन हो गए हैं और 90 से अधिक गांव ऐसे हैं जहां पांच से कम हिंदू परिवार बचे हैं। जिहादी तत्व मेवात को हिंदू—विहीन बनाकर हरियाणा में एक और कश्मीर बनाना चाहते हैं। मेवात आतंकवादियों, बांग्लादेशी घुसपैठियों और बर्बर रोहिंग्याओं का अभ्यारण्य बन चुका है। गत वर्ष मेवात में दो जांच आयोग गए थे। दोनों ने पाया कि मेवात में हिंदुओं की स्थिति बहुत दयनीय है। कमजोर वर्ग में विशेष रूप से अनुसूचित जाति के भाई-बहन यहां पर जिहादियों के निशाने पर हमेशा रहते हैं।

इन अत्याचारों के बावजूद अब वहां हिंदू आत्मरक्षार्थ खड़ा होने लगा है। मेवात से बाहर का हिंदू समाज भी अपने भाई-बहनों की रक्षा में साथ दे रहा है, इसके परिणामस्वरूप वहां जिहादियों को चेतावनी देने के लिए हिंदुओं की कई महापंचायतें हो चुकी हैं। विहिप इस जागरण का स्वागत करती है तथा हिंदू समाज को और अधिक जागृत तथा सबल बनाने के लिए कटिबद्ध है।

  मेवात के पीड़ित समाज की हरियाणा के मुख्यमंत्री से इन समस्याओं के समाधान की अपेक्षाएं हैं। एक वर्ष पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मेवात जाकर वहां की स्थिति का स्वयं आकलन करके आए थे तथा कुछ ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया था। विहिप यह अपेक्षा करती है कि वे इन घोषित उपायों को शीघ्र क्रियान्वित करेंगे जिससे मेवात में कानून का राज्य स्थापित हो सके और हिंदू स्वाभिमान के साथ रह सकें। विहिप मेवात के निकटस्थ हिंदू समाज से अपील करती है कि उन्हें अपने हिंदू भाई—बहनों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। मेवात के हिंदुओं से भी विहिप आह्वान करती है कि हिंदू की पहचान ‘पलायन नहीं पराक्रम’ है। इसलिए अपने धर्म, बेटी और जमीन की रक्षा के लिए उन्हें कटिबद्ध रहना चाहिए। हमारा संकल्प है कि हम मेवात की पुरातन पहचान जो भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है, को अवश्य पुनस्स्थापित करेंगे।