राज्य सरकार की शह पर चर्च होता जा रहा है चौड़ा!

    दिनांक 23-जुलाई-2021   
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हेमंत सोरेन की सरकार के काल में झारखंड में ईसाई मिशनरियों की मनमानी और बेईमानी दोनों बढ़ गई है। रांची जिले के लापुंग प्रखंड के सारंग लोया गांव स्थित सरकारी विद्यालय के परिसर में ईसाइयों ने एक चर्च बना दिया है। दूसरी घटना पश्चिम सिंहभूम जिले की है। यहां ईसाइयों ने मंगल सिंह मुंडा नामक एक व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करके उस पर शव दफनाना शुरू कर दिया है।

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 सारंग लोया गांव के सरकारी विद्यालय के परिसर में बना चर्च  

झारखंड में जब से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से मिशनरियां बेलगाम हो चुकी हैं। इससे जुड़े लोग कहीं भी किसी की जमीन पर कब्जा करके चर्च या कब्रिस्तान बना देते हैं। ऐसे दो मामले बाहर आए हैं। एक है रांची जिले के लापुंग प्रखंड के सारंग लोया गांव का, तो दूसरा है पश्चिम सिंहभूम जिले का।
सारंग लोया गांव में तो ईसाइयों ने सारी हदें पार कर दी हैं। इन लोगों ने गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के परिसर में ही एक चर्च बना दिया है। इलाके की पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर का कहना है कि 2020 में लॉकडाउन के दौरान इस चर्च का निर्माण किया गया है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जब लोग अपने घरों से कम निकलते थे, तभी इसका निर्माण शुरू किया गया। कुछ ग्रमीणों ने जानने की कोशिश की कि क्या बन रहा है, तब उन्हें बताया गया कि विद्यालय में बच्चों के बैठने की जगह कम है, इसलिए कमरे बनाए जा रहे हैं। कुछ समय बाद वह भवन तैयार हो गया तो एक दिन अचानक उस पर दो सलीब नजर आए। इसके बाद यह बात फैली कि सारंग लोया के विद्यालय परिसर में चर्च बन गया है।

यह विद्यालय 1936 से चल रहा है। इस समय विद्यालय में 222 छात्र हैं। इन सभी को सरकार की तरफ से मध्याह्न भोजन भी मिल रहा है। इसके बावजूद चर्च से जुड़े सुनील खाखा कहते हैं कि यह विद्यालय सरकारी नहीं है, यह अल्पसंख्यक संस्थान है, जिसे रोमन कैथोलिक चर्च संचालित करता है। इसलिए नए भवन में सलीब लगाया गया है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. निर्मल सिंह कहते हैं, जिस विद्यालय के परिसर में चर्च बना है, वह सरकारी ही है और दुखद बात यह है कि चर्च भी सरकार की शह पर बना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से हेमंत सोरेन की सरकार बनी है, चर्च की मनमानी और बेईमानी बढ़ गई है।

गंगोत्री कुजूर ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में चर्च बनने शुरू हुए हैं, जिनका काम अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि जहां जाने के लिए पक्के रास्ते तक नहीं हैं, वहां भी बड़े—बड़े चर्च बन रहे हैं। यह सब विदेशी पैसे के बल पर हो रहा है। इन पर रोक लगाने की जरूरत है।   

चर्च से जुड़ी दूसरी घटना पश्चिम सिंहभूम जिले की है। बंधगांव थाने के मुरूबुरा गांव के मंगल सिंह मुंडा की 51 डिसमिल जमीन पर ईसाई मिशनरियों ने कब्जा कर कब्रिस्तान बना दिया है। अब मंगल मुंडा कब्जा हटाने के लिए दर—दर भटक रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है। पुलिस भी उनकी शिकायत पर कुछ नहीं कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया मुंडा कहती हैं, ''ईसाई मिशनरियां बहुत ही घटिया स्तर पर जाकर काम कर रही हैं। भोले—भाले ग्रामीणों को ईसाई तो बना ही रही हैं, और जो लोग उनके झांसे में नहीं आते हैं, उनकी जमीन पर कब्जा करने के लिए हर चाल चलती हैं।''

इन घटनाओं से आम लोगों में नाराजगी है। यदि सरकार ने मिशनरियों की मनमानी और बेईमानी पर रोक लगानेे के लिए कुछ नहीं किया तो आने वाले समय में गांव—गांव में तनाव पैदा हो सकता है।