दिव्‍यांग वकील की याचिका पर सामाजिक न्याय मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस

    दिनांक 24-जुलाई-2021   
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बुजुर्ग एवं दिव्‍यांग वकील ने आर्थिक सहायता के लिए दिल्‍ली सरकार से कई बार अनुरोध किया, लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं मिला तो उन्‍होंने उच्‍च न्‍यायालय से गुहार लगाई।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिल्ली सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। न्‍यायालय ने यह नोटिस 68 वर्षीया एक दिव्‍यांग वकील याचिका पर जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि वकील के दाहिने हाथ में दिव्‍यांगता है और उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। लिहाजा, वह अपने भरण-पोषण के लिए दिल्‍ली सरकार से वित्‍तीय सहायता मांग रही हैं।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और दिल्ली सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। इसी के साथ अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्‍त के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
दरअसल, अदालत अधिवक्ता के.आर चित्रा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो पहले दिल्‍ली के न्‍यायालयों में वकालत करती थीं। चित्रा का कहना है कि वर्तमान में उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। दाहिने हाथ में विकलांगा के कारण वे काम नहीं कर सकती हैं। इसके अलावा अधिक उम्र होने के कारण कई और तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से भी जूझ रही हैं। उन्‍होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस शिकायत के साथ याचिका दायर की है कि प्रतिवादी दिल्ली सरकार से उन्‍होंने कई बार अपने भरण-पोषण के लिए वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया, लेकिन सरकार ने अभी तक उन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसलिए याचिकाकर्ता ने प्रतिवादियों को अपनी सहायता के लिए आगे आने, वित्तीय सहायता के लिए किए गए उनके अनुरोधों का जवाब देने और उन्‍हें इलाज की सुविधा उपलब्‍ध कराने में मदद के लिए निर्देश देने की प्रार्थना की है।