अफगानिस्तान : हत्यारे तालिबानियों ने बीच सड़क काट डाला सोहेल का सिर, अमेरिकी सेना का अनुवादक था वह

    दिनांक 24-जुलाई-2021   
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तालिबानियों ने पहले उसकी कार पर गोली चलाई, फिर उसे रोका। इसके बाद सोहेल को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और सिर काट डाला। इस घटना से कुछ दिन पहले ही सोहेल ने अपने एक दोस्त से कहा था कि उसे तालिबान से मार डालने की धमकियां दी जा रही हैं। उसके आने के बारे में तालिबानी जिहादियों को पता चल चुका था और यह भी कि उसने अमेरिका सेना के लिए सोलह महीने अनुवादक का काम किया था।
अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के लिए काम करने वाले अफगान नागरिकों की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है
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तालिबानी जिहादी     (प्रतीकात्मक चित्र) 
सीएनएन के हवाले से हत्यारे तालिबानियों की बर्बरता की एक और रिपोर्ट मिली है। तालिबान के जिहादियों ने ने अमेरिकी सेना के लिए अनुवाद का काम करने वाले सोहेल पारदीस को गाड़ी से बाहर खींचा और सबके सामने उसका सिर काट डाला। उल्लेखनीय है कि तालिबानियों ने यह धमकी दे रखी है कि वे अमेरिकी सेना की मदद करने वाले अफगानियों को सबक सिखाएंगे। अफगानी अनुवादक सोहेल का वही 'सबक' दिया गया।
बेशक, अफगानिस्तान में तालिबानी बर्बरता का खुला प्रदर्शन चल रहा है। जिन इलाकों में तालिबानी हत्यारे अपनी जकड़ कसते जा रहे हैं, वहां जिहादी क्रूरता का खुलकर प्रदर्शन हो रहा है। ऐसे समाचारों से दुनिया के तमाम देश आहत हैं। सीएनएन की रिपोर्ट कहती है कि सोहेल उन हजारों अफगान अनुवादकों में से एक था जिसने अमेरिकी सेना को अनुवाद में मदद की थी। साफ है कि अमेरिकी सेना के मददगार रहे अफगानी नागरिकों पर अब तालिबान की तलवार लटक रही है। वे खतरे का सामना कर रहे हैं। बताते हैं कि सोहेल पिछले दिनों ईद के मौके पर अफगानिस्तान आया सोहेल राजधानी काबुल स्थित अपने घर से पास के खोस्त सूबे की तरफ जा रहा था। तभी तालिबानियों ने उसकी गाड़ी को एक चुंगी रोका। उसे खींचकर बाहर निकाला और सिर धड़ से अलग कर दिया।
अपनी आंखों इस घटना को देखने वालों ने रेड क्रिसेंट को बताया है कि तालिबानियों ने पहले उसकी कार पर गोली चलाई, फिर उसे रोका। इसके बाद सोहेल को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और सिर काट डाला। हैरानी की बात है कि इस घटना से कुछ दिन पहले ही सोहेल ने अपने एक दोस्त से कहा था कि उसे तालिबान से मार डालने की धमकियां दी जा रही हैं। उसके आने के बारे में तालिबानी जिहादियों को पता चल चुका था और यह भी कि उसने अमेरिका सेना के लिए सोलह महीने अनुवादक का काम किया था।
सोहेल के दोस्त अब्दुल हक अय्युबी ने सीएनएन को बताया है कि तालिबानी उसे अमेरिकियों का जासूस बताते थे और कहते थे कि तुम अमेरिकियों की आंखें हो, तुम काफिर हो। हम परिवार सहित तुम्हें मार देंगे। हालांकि गत जून माह में एक बयान जारी करके तालिबान जिहादियों ने कहा था कि वे विदेशी सेनाओं के साथ काम करने वालों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। लेकिन उनकी वह बात गलत साबित हुई। सही साबित हुई उससे पहले वाली धमकी, जिसके बाद, अमेरिका ने हजारों अफगानियों को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाने की बात कही थी।
इस बीच पता चला है कि अमेरिकी सेना की मदद करने वाले करीब 18 हजार अफगानियों ने वीजा के लिए अपील की है जिससे उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति मिल जाएगी। ये लोग मानते हैं कि इनकी जिंदगी खतरे में है, क्योंकि तालिबान ने उनसे बदला लेने की धमकी दी है।