बांग्लादेश : प्रो. हफीजुर्रहमान ने फेसबुक पर भगवान और सनातन धर्म का अपमान किया, हिन्दुओं ने पूछा-अब कहां गया ईशनिंदा कानून?

    दिनांक 27-जुलाई-2021   
Total Views |
ढाका यूनिवर्सिटी में कानून के इस प्रोफेसर के विरुद्ध हिन्दुओं में आक्रोश, पुलिस कर रही मामले को रफा-दफा करने की कोशिश। हिन्दू संगठन की मांग, शेख हफीजुर्रहमान के विरुद्ध चले ईशनिंदा का अभियोग
jjj_1  H x W: 0
बांग्लादेश हिन्दू यूनिटी काउंसिल का ट्वीट। नीचे, शेख हफीजुर्रहमान की बांग्ला में लिखी फेसबुक पोस्ट

बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर शेख हफीजुर्रहमान कार्जन अपनी नफरती मजहबी सोच के चलते हिन्दू धर्म और हिन्दुओं से बहुत नफरत करता है। वह बार-बार हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करता है और हिन्दुओं के लिए अपशब्द बोलता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उसकी ऐसी हरकतें कड़ी कार्रवाई की मांग करती हैं, लेकिन उसके खिलाफ केस तक दर्ज करने में इस्लामवादी पुलिस आना-कानी करती है।
ताजा मामला हफीजुर्रहमान द्वारा अपनी फेसबुक पोस्ट में हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वाली बातें लिखने से जुड़ा है। ढाका यूनिवर्सिटी में कानून विभाग से जुड़े इस प्रोफेसर के विरुद्ध 'बांग्लादेश हिन्दू जुबो परिषद' के महामंत्री अनिल भौमिक ने शाहबाग पुलिसथाने में रपट लिखवाई है। रपट में दर्ज है कि उसने अपनी फेसबुक पोस्ट में दूध और शराब पर एक चुटकुले के माध्यम से भगवान को अपमानित करके हिन्दुओं का उपहास किया है। उसने सनातन धर्म के लिए अपशब्द इस्तेमाल किए हैं। उक्त पोस्ट उसने गत 23 जुलाई को लिखी थी। उसकी पोस्ट नि:संदेह हिन्दुओं में आक्रोश पैदा करने वाली है। अनिल भौमिक ने रपट लिखाई है कि हफीजुर्रहमान ने फेसबुक पर जो पोस्ट लिखी है उसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना, पांथिक उन्माद भड़काना और बांग्लादेश को अस्थिर करना है। इतने गंभीर विषय की रपट पुलिस ने बड़ी बेपरवाही से सिर्फ अपने रोजनामचे में दर्ज की और जांच के लिए साइबर अपराध विभाग के पास भेज दी।

ढाका यूनिवर्सिटी में कानून विभाग से जुड़े इस प्रोफेसर के विरुद्ध 'बांग्लादेश हिन्दू जुबो परिषद' के महामंत्री अनिल भौमिक ने शाहबाग पुलिसथाने में रपट लिखवाई है। रपट में दर्ज है कि उसने अपनी फेसबुक पोस्ट में दूध और शराब पर एक चुटकुले के माध्यम से भगवान को अपमानित करके हिन्दुओं का उपहास किया है। उसने सनातन धर्म के लिए अपशब्द इस्तेमाल किए हैं।

लेकिन हिन्दुओं ने हफीजुर्रहमान के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराना जारी रखा। अगले दिन बढ़ते दबाव के बाद उसने कहा, ''अगर मेरी पोस्ट से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई है तो मैं माफी चाहता हूं।'' विवाद खड़ा होने पर उसने अपनी फेसबुक वॉल से वह पोस्ट हटाकर स्टेटस पर यह माफी वाला बयान डाल दिया।
 
इस मामले में शाहबाग पुलिसथाना प्रभारी मौदूद हौलादेर ने कहा है कि अगली कानूनी कार्रवाई साइबर अपराध विभाग की अनुशंसा के आधार पर की जाएगी।
 
लेकिन बांग्लादेश हिन्दू यूनिटी काउंसिल ने इस घटना पर तीखी टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया है। इसमें लिखा है-''ढाका यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने फेसबुक पर एक गंदी पोस्ट लिखकर हिन्दू देवताओं को पियक्कड़ बताया है। लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कहां गया अब ईशनिंदा कानून? अगर किसी हिन्दू ने इस्लाम के बारे में ऐसा लिखा होता तो उसे मार डाला गया होता, हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया होता।''