श्रीलंका : कोलंबो में काम करते दिखे चीनी सैनिक, विपक्ष हुआ हमलावर

    दिनांक 05-जुलाई-2021   
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पाकिस्तान के साथ ही अब चीन श्रीलंका में आक्रामक नीतियां अपना रहा है। कोलंबो में चीनी सैनिकों के काम करते दिखने पर विपक्ष ने किया सरकार का घेराव
al_1  H x W: 0 वीडियो फुटेज में दो चीनी कामगार सफाई उपकरणों पर काम करते दिख रहे हैं

श्रीलंका चीन के कर्ज में इस कदर डूब चुका है कि अब चीन के इशारे मानना उसकी मजूबरी होती जा रही है। ड्रेगन श्रीलंका की बुनियादी सुविधाओं को कब्जाने लगा। हाल में श्रीलंका में चीन के कुछ सैनिकों को काम करते देखा गया है। ये सैनिक अपनी सेना की वर्दी में हंबनटोटा क्षेत्र में एक तालाब से मलबा निकाल रहे थे।

ताजा रपटों के अनुसार, हंबनटोटा के एक प्राचीन तालाब पर चीन के कुछ सैनिकों को मलबा साफ करते देखा गया है। इन सबने चीन की सेना की वर्दी पहनी हुई थी। श्रीलंका के कानून के अनुसार, सेना में काम न करने वालों के लिए वर्दी पहनने ही नहीं, उसे अपने पास रखने तक पर भी पाबंदी है। इस कानून के तहत दोषी को गिरफ्तार करके दंड दिया जा सकता है।

चीन के लोगों को काम करते देखे जाने से एक बार फिर साफ हो गया है कि श्रीलंका में चीन की दखल बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों चीन ने कोलंबो पोर्ट सिटी परियोजना को भी 99 सालों के लिए लीज पर लेकर उस पर भी अपना कब्जा जमा लिया है। बताते हैं, इस सिटी में चीन की इजाजात से ही लोग आ-जा सकेंगे। विपक्षी दलों ने इस परियोजना को श्रीलंका की संप्रभुता के विरुद्ध बताया है। बहरहाल, हंबनटोटा में मलबा साफ करते दिखे चीनी सैनिकों का वर्दी में होना श्रीलंका के कानूनों के विरुद्ध है। हालांकि, जैसी आशंका थी, कोलंबो स्थित चीनी दूतावास ने ऐसे तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस तरह के कपड़े पहनना कोई बड़ी समस्या नहीं, आम बात है।

लेकिन उधर श्रीलंका के विपक्षी दलों ने चीनी सैन्य वर्दी में मौजूद चीनियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। साथ ही, पता चला है कि मलबा साफ करने का काम भी श्रीलंका के पुरातत्व विभाग की अनुमति के बिना किया गया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चीनियों को काम रोकना पड़ा है। श्रीलंका के सांसद सरथ फोन्सेका ने इस घटना पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि चीन की सेना के जवान और अधिकारी देश के अंदर तक आकर काम में लगे हैं। श्रीलंका मंत्रिमंडल के प्रवक्ता रंबुकवेला ने देश में चीनी सेना की मौजूदगी की रिपोर्ट को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि 29 जून को चीनी कामगारों ने जो वर्दी पहनी हुई थी, वह स्थानीय वर्कशॉप में काम करने वाले श्रीलंकाई कामगारों की वर्दी जैसी ही थी।



श्रीलंका के विपक्षी दलों ने चीनी सैन्य वर्दी में मौजूद चीनियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। साथ ही, पता चला है कि मलबा साफ करने का काम भी श्रीलंका के पुरातत्व विभाग की अनुमति के बिना किया गया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चीनियों को काम रोकना पड़ा है। श्रीलंका के सांसद सरथ फोन्सेका ने इस घटना पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि चीन की सेना के जवान और अधिकारी देश के अंदर तक आकर काम में लगे हैं।