चीन : ड्रेगन का नया पैंतरा, लद्दाख सीमा पर पीएलए कमान जनरल झांग के हाथ

    दिनांक 06-जुलाई-2021   
Total Views |
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात चीनी सेना की जिम्मेदारी जनरल झांग को देने के मायने समझने जरूरी
ddd_1  H x W: 0
राष्ट्रपति जिनपिन के साथ चीन के प्रमुख सैन्य कमांडर। लाल घेरे में जनरल झांग     (फाइल चित्र)


तकनीकी दृष्टि से चीनी सेना के प्रमुख राष्ट्रपति शी जिनपिन ने पश्चिमी क्षेत्र में भारत से लगती सीमा की कमान जनरल झांग को सौंप दी है। कहते हैं जिन जनरल झांग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है उन्हें भारतीय से सटी सीमा का कोई खास अनुभव नहीं है। फिर उनमें ऐसा क्या है जो चीन की अत्यधिक सरगर्मी और भारत के साथ गाहे—बगाहे इस सीमा पर माहौल गर्माने वाले ड्रेगन ने उन्हें लगाम क्यों सौंपी है!

समझनी होंगी चीन की चालें
भारत से जुड़नी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना की पश्चिमी क्षेत्र कमान है। इसी कमान की जिम्मेदारी जनरल झांग ज्दोंग को सौंपी गई। जनरल झांग से पहले यहां की कमान जनरल झाउ जोंग की के हाथ में थी। चीन की सेना, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से भारतीय सैनिकों की गलवान में पिछले साल 15 जून को हुई हिंसक मुठभेड़ में मुंह की खाने के बाद, अप्रैल 2021 से ही चीन ने लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उग्र पैंतरे दिखाए हैं। कभी फौजी वाहनों की एकाएक आवाजाही दिखी तो कभी शिविरों का निर्माण किया गया। बताते हैं भारत के प्रति इसी वक्र दृष्टि की वजह से रणनीति में बदलाव करते हुए यहां सैन्य टुकड़ी की कमान में परिवर्तन किया गया है।

चीनी सेना के चार वरिष्ठ अधिकारियों के प्रोन्नत किया गया है। स्पष्ट है कि चीन की सेना में फेरबदल के पीछे राष्ट्रपति शी के दिमाग में कोई बड़ा फितूर चल रहा है। कोरोना की उत्पत्ति को लेकर दुनियाभर में चीन की हो रही बदनामी से वह बौखलाया हुआ है। बहुत संभव है कि वह सीमाओं पर उग्र तनाव उपजाकर मूल मुद्दे यानी वुहान वायरस से कोरोना को छोड़े जाने के आरोपों से दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है।   

खबर यह भी है कि राष्ट्रपति जिनपिन की अनुमति लेकर गत दिनों चीनी सेना के चार वरिष्ठ अधिकारियों के प्रोन्नत किया गया है। इस नए घटनाक्रम से स्पष्ट है कि चीन की सेना में फेरबदल के पीछे राष्ट्रपति शी के दिमाग में कोई बड़ा फितूर चल रहा है। कोरोना की उत्पत्ति को लेकर दुनियाभर में चीन की हो रही बदनामी से वह बौखलाया हुआ है। बहुत संभव है वह सीमाओं पर उग्र तनाव उपजाकर मूल मुद्दे यानी वुहान वायरस से कोरोना को छोड़े जाने के आरोपों से दुनिया और अपने देशवासियों का ध्यान भटकाना चाहता है। वह पहले भी ऐसे पैंतरे चल चुका है।    

कमांडो दस्ते में रहे हैं झांग
पहले कमांडो दस्तों में सेवाएं दे चुके जनरल झांग पहली बार पश्चिमी क्षेत्र की सीमा पर लगाम संभाल रहे हैं। झांग रूस और उत्तर कोरिया से सटी चीन की सीमा पर, शेनयांग में लंबे समय रहे हैं। यहां झांग की कमान में एक डिविज़न थी। इसके बाद वे सैन्य स्टाफ के मुखिया बनाए गए थे। वे 39वें समूह के कमांडर रहे हैं।

यही झांग 2019 में चीन की 70वीं राष्ट्रीय दिवस परेड के दौरान संयुक्त कमान मुख्यालय के उप कमांडर थे। साफ है कि जिनपिंग को झांग पर इतना भरोसा है कि उन्हें ऐसे मौके पर बेहद संवेदनशील पश्चिमी क्षेत्र की कमान सौंपी है। राष्ट्रपति जिनपिंन ने ही जनरल झांग को मेजर जनरल से लेफ्टिनेंट जनरल बनाया था।