स्वामी प्रकाशानंद जी का महाप्रयाण

    दिनांक 09-जुलाई-2021   
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swami_1  H x W:स्वामी प्रकाशानंद जी
गत 7 जुलाई को वरकला (केरल) में आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्रकाशानंद जी का महाप्रयाण हो गया। 99 वर्षीय स्वामी जी  कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। वे शिवगिरि मठ के पूर्व अध्यक्ष थे और उनकी गणना केरल के सबसे वरिष्ठ आध्यात्मिक गुरुओं में होती थी। प्रकाशानंद जी ने 20वीं शताब्दी के प्रसिद्ध संत-समाज सुधारक श्री नारायण गुरु द्वारा स्थापित शिवगिरि मठ को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वामी जी ने अपने गुरु स्वामी शंकरानंद जी के विचारों को प्रचारित करने में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्हें सादगी, अटल भक्ति, नि:स्वार्थ सेवा और दृढ़ संकल्प के लिए जाना जाता रहेगा। प्रकाशानंद जी मौन व्रत के लिए भी चर्चा में रहे। 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मठ का प्रशासन अपने हाथ में लेने के निर्णय के विरुद्ध तिरुअनंतपुरम में सचिवालय के सामने कई दिनों तक भूख हड़ताल की थी। उनके महाप्रयाण से सनातन समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।  

स्वामी प्रकाशानंद जी ज्ञान और अध्यात्म के प्रकाश पुंज थे। उनके सेवा कार्यों ने गरीब से गरीब व्यक्ति को सशक्त बनाया। उन्होंने श्री नारायण गुरु के नेक विचारों को लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया। उनके निधन से दुख हुआ। ओम शांति।  -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

संघ ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत और सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने एक विज्ञप्ति जारी कर स्व. प्रकाशानंद जी को श्रद्धांजलि दी है। विज्ञप्ति में लिखा है कि शिवगिरी मठ के पूज्य स्वामी प्रकाशानंद जी सनातन धर्म, जैसे श्री नारायण गुरु द्वारा वर्णित किया गया, के ज्ञाता के रूप में प्रख्यात थे। उनका आध्यात्मिक भाव गहन था। वे श्री नारायण गुरु के सच्चे अनुयायी थे तथा उनका पूरा जीवन इसी की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति थी। उनके नि:स्वार्थ प्रेम व महान कार्य के द्वारा संपर्क में आने वाले सभी इसे अनुभव करते थे। उन्होंने अपना समूचा जीवन ज्ञान के प्रसार व निर्धनों की सेवा में ही बिताया। उनके समाधिस्थ होने से हम सभी दु:ख का अनुभव कर रहे हैं। उनकी पावन स्मृति में विनम्र श्रद्धांजलि।