होशियार! पाकिस्तान की पनाह में पल रहा मसूद रच रहा है कश्मीर मे आतंकी हरकत का षड्यंत्र

    दिनांक 21-अगस्त-2021   
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जैश के जिहादी नाटो सेनाओं और अफगान सेना के विरुद्ध तालिबान के साथ मिलकर लड़े थे। अलकायदा की यमन इकाई भी तालिबान को जीत के लिए उसे बधाई पहुंचा चुकी है। लेकिन इधर भारत की सरकार भी, जैश व अन्य आतंकी गुटों की तरफ से किसी भी तरह के खतरे के प्रति सतर्क है।

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जैश-ए-मोहम्म्द का आतंकी सरगना अजहर मसूद (फाइल चित्र)
पाकिस्तान द्वारा पाले जा रहे जैश जैसे आतंकी गुट तालिबान की जीत से खुश हैं। आतंकी सरगना मसूद अजहर अपनी पनाहगाह में बैठकर कश्मीर पर किसी कथित बड़े षड्यंत्र की तैयारी में जुट गया है
सब देख रहे हैं कि अफगानिस्तान में बर्बर हथियारबंद तालिबानियों के सत्ता कब्जाने दुनिया भर के इस्लामी जिहादी अपने दड़बों में से बाहर आकर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। ऐसा ही रवैया शातिर आतंकी मसदू अहजर ने पाकिस्तान में अपनी सुरक्षित खोह में बैठे—बैठे दिखाया है। वह काबुल में लहराते तालिबानी झंडे देखकर जोश में भरा है। इसी शैतानी जोश में उसने अपने आतंकियों से कश्मीर के लिए 'तैयार' रहने को कहा है। साफ है कि उसके आतंकी दिमाग में कोई साजिश पक रही है।
स्वाभाविक है कि पाकिस्तान की बैसाखी पर सवार हो तालिबान ने काबुल कब्जाया है। इससे वहां के जिहादी गुट बड़े खुश हैं। वे दिन में तारे देखने लगे हैं कि अब उनकी जिहादी साजिशें कामयाब हो जाएंगी। जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भी ऐसा ही आतंकी है जो अपनी पनाहगाह में बैठकर कश्मीर पर किसी कथित बड़े षड्यंत्र की तैयारी में जुट गया है।
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने तो बाकायदा लेख लिखा है जिसमें अफगानिस्तान में अमेरिका की निगरानी में बैठी अशरफ गनी सरकार के ढहने पर न सिर्फ खुशी जताई है बल्कि कश्मीर को लेकर भी अपनी आतंकी मंशा जाहिर कर दी है। अपने ‘मंजिल की ओर’ लेख में मसूद ने अफगानिस्तान में 'मुजाहिदीनों की फतह के ऊपरवाले का शुक्रिया' अता किया है। लेख में मसूद ने संभावना जताई है कि अफगानिस्तान के एक-दो प्रांतों में जैश को प्रमुख या उप प्रमुख की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसी लेख में आगे उसने जैश के आतंकियों से आने वाले वक्त में 'कश्मीर के लिए तैयार' रहने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि जैश के जिहादी नाटो सेनाओं और अफगान सेना के विरुद्ध तालिबान के साथ मिलकर लड़े थे। अलकायदा की यमन इकाई भी तालिबान को जीत के लिए उसे बधाई पहुंचा चुकी है। लेकिन संतोष की बात है कि भारत की सरकार जैश व अन्य आतंकी गुटों की तरफ से किसी भी तरह के खतरे के प्रति सतर्क है। रक्षा से जुड़ी भारत की तमाम एजेंसियां घटनाक्रम पर बारीक नजर रखे हुए हैं।