ताइवान ने कहा-चीन तालिबानियों की तर्ज पर हमारे देश पर कब्जा करना चाहता है

    दिनांक 22-अगस्त-2021   
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विस्तारवादी ड्रेगन की दूसरों की जमीन निगलने की हर हरकत के विरुद्ध हमेशा से सख्त रवैया दिखाता रहा है ताइवान। अब उसने साफ कहा है कि चीन की मंशा है कि वह तालिबान की तरह उनके देश पर कब्जा कर ले
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ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन (बाएं) और चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिन (फाइल चित्र) 
अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले दिनों चीन से कड़े शब्दों में कहा था कि वह ताइवान पर बेवजह दबाव बनाना बंद कर दे। अमेरिका के उक्त बयान के बाद ताइवान के विदेश मंत्री वू ने अमेरिका का धन्यवाद किया था। अब वू ने कहा है कि चीन तालिबान की तरह ही ताइवान पर कब्जा करना चाहता है। 
कम्युनिस्ट चीन के कायदों में पड़ोसी देशों को धमकाना और उन पर अपना सिक्का जमाना हमेशा से दर्ज रहा है। तिब्बत, हांगकांग को तो वह लगभग निगल ही चुका है। अब उसने पंजे ताइवान को जकड़ने को बेचैन हैं। कभी चीन ताइवान के हवाई क्षेत्र में अपने ढेरों लड़ाकू विमान भेजकर उसे घुड़काता है, तो कभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी बेशर्मी से उसके मुद्दों को अपने देश का अंदरूनी मामला बताता है। कोई और देश ताइवान को एक देश के तौर पर संबोधित करता है तो ड्रेगन उसे 'अपने आंतरिक मामलों में दखल' देने से बाज आने को कहता है। जापान को पिछले ही दिनों उसने ताइवान को अलग देश कहने से दो बार टोका है।
लेकिन ताइवान की स्वाभिमानी राष्ट्रपति त्साई इंग वेन पूरी दमदारी के साथ अपने देश की हदें बढ़ाने को आतुर रहने वाले चीन को उसकी सही स्थिति से अवगत करा चुकी हैं और वायुसेना के माध्यम से ताइवान के आसमान में मंडराने की उसकी धमकियों का कड़ा जवाब दे चुकी हैं।
21 अगस्त को ताइवान ने एक और दमदार बयान दिया है। रायटर के हवाले से प्राप्त समाचार के अनुसार, ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा है कि चीन तालिबान की तर्ज पर उनके देश को कब्जाना चाहता है। चीन एक लंबे वक्त से ताइवान पर दावा जताता आ रहा है और इस पर कब्जे का मन बनाए हुए है। आज अफगानिस्तान में उभरे हालात के बीच ताइवान में चीन के कुछ इसी तरह की हरकत करने की मंशा को लेकर बहस छिड़ी हुई है। उधर चीन का मीडिया भी ऐसी बातें फैला रहा है कि काबुल का जो हाल हुआ है उससे यह साफ है कि अमेरिका पर भरोसा करके ताइवान को कुछ हासिल नहीं होगा।
अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले दिनों चीन से कड़े शब्दों में कहा था कि वह ताइवान पर बेवजह दबाव बनाना बंद कर दे। अमेरिका के उक्त बयान के बाद ताइवान के विदेश मंत्री वू ने अमेरिका का धन्यवाद किया था। अब वू ने कहा है कि चीन तालिबान की तरह ही ताइवान पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि चीन की अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।