मोदी के 'आतंक की सत्ता स्थायी नहीं रहती' का बयान गहरा चुभा तालिबान को, तालिबानी दिलावर ने कहा-जल्दी ही देखेगा भारत

    दिनांक 27-अगस्त-2021   
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तालिबानी नेता ने 'रेडियो पाकिस्तान' को दिए अपने साक्षात्कार में कहा कि अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में कोई दखल ना दे। उसने भी तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद की तरह पाकिस्तान की तारीफों के पुल बांधेshabudeen_1  H
शहाबुद्दीन दिलावर   


 तालिबान के एक बड़े नेता शहाबुद्दीन दिलावर ने रेडियो पाकिस्तान को दिए साक्षात्कार में कहा कि जल्दी ही भारत देखेगा कि तालिबान किस तरह अच्छी सरकार चला सकता है। दरअसल दिलावर ने भारत के संदर्भ में यह बात चिढ़कर कही थी। उसे और दूसरे तालिबान लड़ाकों को संभवत: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वह बात चुभी थी जो उन्होंने सोमनाथ मंदिर के आसपास हुए अनेक विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कही थी। उन्होंने तक तालिबान का उल्लेख किए बिना यह कहा था कि भगवान सोमनाथ का मंदिर आज भारत ही नहीं, पूरे विश्व के लिए एक विश्वास पैदा करता है।

जो तोड़ने वाली शक्तियां हैं... जो आतंक के बलबूते सामर्थ्य खड़ा करने वाली सोच है...वह किसी कालखंड में कुछ समय के लिए भले ही हावी हो जाए लेकिन उसका अस्तित्व कभी स्थाई नहीं होता। वह ज्यादा दिनों तक मानवता को दबाकर नहीं रख सकतीं।' मोदी की वह बात अफगानिस्तान के वर्तमान हालात से जोड़ कर देखी गई थी।

मोदी ने कहा था, 'जो तोड़ने वाली शक्तियां हैं...जो आतंक के बलबूते सामर्थ्य खड़ा करने वाली सोच है...वह किसी कालखंड में कुछ समय के लिए भले ही हावी हो जाए लेकिन उसका अस्तित्व कभी स्थाई नहीं होता। वह ज्यादा दिनों तक मानवता को दबाकर नहीं रख सकतीं।' तालिबान के दिलावर का इशारा संभवत: मोदी के उसी वक्तव्य की ओर था।

 तालिबान के दिलावर का इशारा मोदी के उसी वक्तव्य की ओर था। उसने प्रधानमंत्री मोदी की बात के प्रत्युत्तर में अपने साक्षात्कार में दावा किया कि तालिबान सफल होगा। उसने कहा, भारत जल्दी ही देखेगा कि तालिबान देश को ठीक तरह से चला सकता है।

तालिबानी नेता ने 'रेडियो पाकिस्तान' को दिए अपने साक्षात्कार में आगेे संभवत: भारत को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में कोई दखल ना दे। दिलावर ने भी तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद की तरह पाकिस्तान की तारीफों के पुल बांधे और कहा कि वह दोस्ताना देश है। दिलावर ने पाकिस्तान को धन्यवाद दिया कि उसने अपने यहां 30 लाख से ज्यादा अफगानियों को पनाह दी है।