..तो 5 लाख लोग छोड़कर चले जाएंगे अफगानिस्तान, यूएनएचसीआर की चेतावनी

    दिनांक 28-अगस्त-2021   
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संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों की चिंता करने वाली इस संस्था को आशंका है कि अगर अफगानिस्तान में ऐसे ही असमंजस और हिंसा की स्थिति रही तो लोग तेजी से पलायन करेंगे
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पाकिस्तान पहुंच रहे हैं अफगान शरणार्थी (फाइल चित्र) 
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने कहा है कि अगर आने वाले दिनों में अफगानिस्तान में हालात और बिगड़ते हैं, तो वहां से करीब पांच लाख लोग निकल जाएंगे और दूसरे देशों में पनाह लेंगे। इस संस्था ने बताया कि तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से वहां की स्थिति को लेकर धुंधलका बना हुआ है, लेकिन यह तेजी से बिगड़ भी सकती है। यूएनएचसीआर की मानें तो करीब 5 लाख 15 हजार अफगान लोग वहां से पलायन करके दूसरे देशों में जा सकते हैं।
यूएनएचसीआर के आंकड़े के हिसाब से करीब 22 लाख अफगानी नागरिक पहले से दूसरे देशों में शरणार्थी के नाते दर्ज हैं। इनमें से तकरीबन सभी अफगानी या तो पाकिस्तान में हैं या ईरान में। अफगानिस्तान में अगर हिंसा और बढ़ी तो उसका नागरिकों पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो पलायन हो सकता है। संस्था का एक और आंकड़ा कहता है कि सिर्फ गत एक साल में सशस्त्र लड़ाई की वजह से अफगानिस्तान में अंदरूनी तौर पर 5 लाख 58 हजार नागरिक विस्थापित हुए हैं। लेकिन आगे कुछ दिनों में पलायन करने वालों की तादाद आंतरिक और सीमा पार दोनों जगह बढ़ती दिखेगी। यूएचएचसीआर ने नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए अपनी राहत योजना में करीब 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर मांगे हैं।
यूएनएचसीआर के आंकड़े के हिसाब से करीब 22 लाख अफगानी नागरिक पहले से दूसरे देशों में शरणार्थी के नाते दर्ज हैं। इनमें से तकरीबन सभी अफगानी या तो पाकिस्तान में हैं या ईरान में। अफगानिस्तान में अगर हिंसा और बढ़ी तो उसका नागरिकों पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो तेजी पलायन हो सकता है। चूंकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाएं आपस में सटी हैं और पाकिस्तान को तालिबान दूसरा घर मानते हैं लिहाजा वहां जाकर बसने वाले अफगानों की एक बड़ी संख्या है। इस्लामाबाद में प्रशासन आने वाले अफगानों के ठहरने के इंतजाम में लगा है। उसने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में डेढ़ सौ से ज्यादा होटलों को बाहर वालों करीब तीन सप्ताह तक रखने को कहा है और इस बीच स्थानीय लोगों को कमरे किराए पर न देने का आदेश दिया है। वहां हवाईअड्डे को जोड़ने वाली सभी मुख्य सड़कों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है।