क्या अमेरिका ने ले लिया काबुल विस्फोट का बदला?

    दिनांक 28-अगस्त-2021   
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बाइडेन ने पत्रकार वार्ता में यह कहा था कि 'इस हमले को अंजाम देने वाले और अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के इरादे रखने वाले यह ध्यान रखें कि हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। हम इसे भूलेंगे नहीं। हम तुम्हें पकड़कर इसकी सजा देंगे। मैं अपने देश और लोगों के हितों की रक्षा करूंगा…।'
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अमेरिकी ड्रोन (प्रतीकात्मक चित्र) 
नांगरहार में आई खुरासान के ठिकाने पर ड्रोन से बम वर्षा करके काबुल विस्फोट के मुख्य षड्यंत्रकारी को ढेर करने का दावा
26 अगस्त की शाम काबुल हवाई अड्डे पर हुए फिदायीन हमले और उसमें 13 अमेरिकी सैनिकों सहित 150 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का अमेरिका ने बदला ले लिया है। अमेरिका ने 27 अगस्त को यह दावा करते हुए बताया है कि आईएस खुरासान के ठिकाने पर ड्रोन से सर्जिकल स्ट्राइक करके उसने काबुल के साजिशकर्ता को जहन्नुम पहुंचा दिया है।
उल्लेखनीय है कि काबुल विस्फोट के बाद, गुस्साई दुनिया की निगाहें एक बार फिर अमेरिका को इसकी जड़ के तौर पर देखने लगी थीं। उस वक्त राष्ट्रपति जो बाइडेन ने वादा किया था कि इस घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें ढूंढ—ढूंढकर मारा जाएगा। 27 अगस्त को अमेरिका ने, बताते हैं, आईइस खुरासान के पहाड़ों में मौजूद ठिकाने पर ड्रोन से जबरदस्त बमबारी करके इस आतंकी गुट को भारी नुकसान पहुंचाया है।
अगर अमेरिका की यह खबर सही है तो कहना न होगा कि अमेरिका ने काबुल विस्फोट के 48 घंटों के अंदर इस्लामिक स्टेट खुरासान को उसके किए की कुछ सजा दे दी है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन का दावा है कि ये कार्रवाई काबुल हमले के षड्यंत्रकारी के विरुद्ध की गई थी, और निशाना जगह पर लगा, उसका काम तमाम कर दिया गया है। एएफपी की रपट है कि यह हवाई हमला अफगानिस्तान के नांगरहार में किया गया है।

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काबुल हवाईअड्डे के बाहर वह स्थान जहां विस्फोट किया गया था
 इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए सेंट्रल कमान, अमेरिका के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने इस्लामिक स्टेट-खुरासान के साजिशकर्ता के विरुद्ध आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हुए, अफगानिस्तान के नांगहर प्रांत में मानवरहित हवाई हमला किया है। शुरुआत के संकेतों से साफ है कि हमने लक्षित आतंकी का काम तमाम कर दिया है। इसमें किसी आम नागरिक के मरने का कोई समाचार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि हमले के बाद बाइडेन ने पत्रकार वार्ता में यह कहा था कि 'इस हमले को अंजाम देने वाले और अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के इरादे रखने वाले यह ध्यान रखें कि हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। हम इसे भूलेंगे नहीं। हम तुम्हें पकड़कर इसकी सजा देंगे। मैं अपने देश और लोगों के हितों की रक्षा करूंगा…।' काबुल विस्फोट में अपने 13 सैनिकों के मारे जाने के बाद वाशिंगटन ने यह दिन अगस्त 2011 के बाद से अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के लिए सबसे घातक दिनों में एक है।
बता दें कि काबुल विस्फोट की जिम्मेदारी आईएस खुरासान ने ली थी और उस विस्फोट को करने वाले फिदायीन की फोटो भी कल जारी की थी। यह वही आतंकी गुट है जो इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के सरगनाओं की शह पाए हुए है।