मोदी ने की यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स से बात, अफगानिस्तान में बनी परिस्थिति पर चर्चा

    दिनांक 01-सितंबर-2021   
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भारत और यूरोपीय संघ की अफगानिस्तान में भूमिका और क्षेत्र में स्थिरता को लेकर भी दोनों नेताओं ने गंभीरता से विचार किया
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चार्ल्स मिशेल   (फाइल चित्र)


कल यानी 31 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से अफगान में बनी परिस्थिति पर की फोन पर वार्ता की। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस चर्चा की जानकारी दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मिशेल के साथ अफगानिस्तान में हाल की घटनाओं और क्षेत्र तथा दुनिया पर उनके असर पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि फोन पर हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने एक स्थिर और सुरक्षित अफगानिस्तान की जरूरत पर बल दिया। दोनों ने इस संदर्भ में भारत और यूरोपीय संघ की भूमिका पर भी मंत्रणा की है।

मोदी और मिशेल ने काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए फिदायीन हमले की निंदा की, जिसमें कई लोग मारे गए थे। मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के साथ अपनी बातचीत की ट्वीट पर जानकारी देते हुए लिखा, ‘‘यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल के संग अफगानिस्तान में बनी स्थिति के बारे में बात की। साथ ही भारत-यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया।’’
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दोहा में भारतीय राजदूत की तालिबान प्रतिनिधि से वार्ता पर मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति
 
 
प्रधानंमत्री कार्यालय का कहना है कि दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के हाल के घटनाक्रम तथा इलाके और दुनिया पर इसके असर के बारे में चर्चा की। दोनों नेता द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों, खासकर अफगानिस्तान की स्थिति पर संपर्क बनाये रखने पर सहमत हुए हैं।  

प्रधानंमत्री कार्यालय का कहना है कि दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के हाल के घटनाक्रम तथा इलाके और दुनिया पर इसके असर के बारे में चर्चा की। दोनों नेता द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों, खासकर अफगानिस्तान की स्थिति पर संपर्क बनाये रखने पर सहमत हुए हैं।

उधर 31 अगस्त को ही दोहा में राजदूत दीपक मित्तल ने तालिबान के राजनीतिक प्रतिनिधि शेर मोहम्मद अब्बास से मुलाकात की। विदेश मंत्रायल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह वार्ता तालिबान की पहल पर हुई थी। मित्तल ने अफगानिस्तान में भारतीयों की सुरक्षा और जल्द से जल्द भारत वापसी के साथ ही भारत आने के इच्छुक अफगान अल्पसंख्यकों को यात्रा करने की इजाजत देने संबंधी विषय उठाए। इसके साथ ही, भारतीय राजदूत ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की जमीन भारत विरोधी गतिविधियों और किसी भी तरह के आतंक के लिए इस्तेमाल नहीं करने देनी चाहिए।

मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, तालिबान प्रतिनिधि ने इन सभी विषयों पर सकारात्मकता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया है।