पत्रकार राणा अय्यूब पर धोखाधड़ी और धनशोधन का मामला दर्ज

    दिनांक 10-सितंबर-2021   
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गाजियाबाद पुलिस ने मुंबई की पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ चंदा हड़पने के आरोप में एक मामला दर्ज किया। यह प्राथमिकी गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज की गई है। आरोप है कि राणा अय्यूब ने संस्‍था बना कर चैरिटी के नाम पर मिले चंदे में फर्जीवाड़ा किया। यही नहीं, सरकार की अनुमति लिए बिना उसने विदेशों से चंदे लिए। पुलिस ने राणा अय्यूब पर धोखाधड़ी, काले धन की वैधता की रोकथाम अधिनियम, संपत्ति का बेईमानी से गबन, विश्वास का हनन समेत छह धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यह है मामला


राणा अय्यूब ने चंदा इकट्ठा करने के लिए तीन ऑनलाइन अभियान चलाए थे। ये अभियान झुग्‍गीवासियों और किसानों, बिहार, असम और महाराष्‍ट्र के बाढ़ पीडि़तों और देश में कोविड-19 पीडि़तों की मदद के नाम पर चलाए गए थे। चंदा इकट्ठा करने के लिए उसने ऑनलाइन क्राउडफंडिंग मंच केटो (Ketto) की मदद ली थी। 27 अगस्त को केटो ने राणा अय्यूब द्वारा चलाए गए अभियान में दान देने वाले लोगों को ई-मेल भेजा था। इसमें कहा गया है, "केटो को भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सूचित किया गया है कि उक्त अभियानों में जुटाए गए धन का उपयोग उस मद में नहीं किया गया, जिस उद्देश्य से धन जुटाया गया। संबंधित अभियानों के पैसे अभी खातों में जमा हैं।" ई-मेल में यह भी कहा गया है इन अभियानों के तहत भारत से कुल करीब 1.90 करोड़ रुपये और 1.09 लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। यानी तीनों अभियान के तहत कुल करीब 2.69 करोड़ रुपये जुटाए गए। बता दें कि अय्यूब ने पहले तो केटो ऑनलाइन क्राउडफंडिंग को बीच में ही रोकते हुए कहा था कि वह विदेशों से मिले चंदे की राशि दानदाताओं को लौटा देगी। लेकिन न तो चंदे की राशि का इस्‍तेमाल किया गया और न ही विदेशों से मिलने वाले चंदे को ही लौटाया है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रहा है। इस जांच में कीटो ईडी के संपर्क में है।

किसने दर्ज कराई शिकायत?

राणा अय्यूब के खिलाफ यह प्राथमिकी इंदिरापुरम की ऐंजल जुपिटर सोसायटी में रहने वाले विकास सांकृत्‍यायन ने दर्ज कराई है। विकास ‘हिंदू आईटी सेल’ नामक एक गैरसरकारी संगठन चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अय्यूब राणा ने अप्रैल 2020 से मई 2020, जून 2020 से सितंबर 2020 और मई 2021 से जून 2021 के बीच झुग्गी में रहने वाले और किसानों की मदद के लिए, बिहार, असम और महाराष्ट्र में आपदा राहत और और कोविड-19 पीडि़तों की मदद करने के नाम पर क्राउड फंडिंग की। इसमें उनकी संस्‍था के लिए काम करने वाले वालंटियर ने भी दान दिया। यही नहीं, स्‍वतंत्र पत्रकार ने विदेश से भी डॉलर में चंदा लिया जो विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम का उल्‍लंघन किया है। विकास का आरोप है कि अय्यूब ने लोगों की मदद करने के बजाए चंदे की राशि का उपयोग अपने लिए किया। यही नहीं, राणा अय्यूब ने चैरिटी के नाम पर अवैध रूप से सार्वजनिक धन उगाही की। उन्‍होंने केटो द्वारा दानदाताओं को भेजे गए ई-मेल के आधार पर राणा अय्यूब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इंदिरापुरम के अंचल अधिकारी अभय कुमार ने कहा, “इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में दान राशि के कथित दुरुपयोग के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। हमें सबूतों की जांच करनी होगी, क्योंकि इसमें एक और संगठन शामिल है।”

पहले भी एक मामला

इससे पहले गाजियाबाद पुलिस ने राणा अय्यूब पर झूठ खबर फैलाने के आरोप में एक मामला दर्ज किया था। इसने सोशल मीडिया पर बुलंदशहर के एक 72 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति का फर्जी वीडियो फैलाया था। दावा किया गया था कि चार लोगों ने बुजुर्ग के साथ मार-पीट की और जय श्रीराम नहीं बोलने पर उसकी दाढ़ी काट दी। बाद में गाजियाबाद पुलिस ने कहा था कि वीडियो में बजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं और उसने एक राजनीतिक कार्यकर्ता के इशारे पर ये आरोप लगाए थे।