''केरल आतंकवादियों का भर्ती केंद्र बन चुका है''

    दिनांक 11-सितंबर-2021   
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केरल के एक प्रसिद्ध बिशप जोसेफ कल्लरैंगाट ने कहा है कि गैर—मुसलमानों को बर्बाद करने के लिए लव और नार्कोटिक (मादक पदार्थ) जिहाद चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केरल आतंकवादियों का भर्ती केंद्र बन चुका है।
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बिशप जोसेफ कल्लरैंगाट 
अब यह बात किसी से छुपी नहीं रह गई है कि केरल लव जिहादियों और आतंकवादियों का अड्डा बन चुका है। यही कारण है कि जिसको इस भूमि से प्यार है, वह जब—तब सच बोलकर पूरे देश का ध्यान केरल की इस गंभीर समस्या की ओर खींचना चाहता है। ऐसे लोगों की सूची में सायरो मालाबार चर्च से जुड़े बिशप जोसेफ कल्लरैंगाट का भी नाम जुड़ गया है।
गत दिनों उन्होंने केरल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में ईसाई और हिंदू लड़कियां बड़ी संख्या में लव और नार्कोटिक (मादक पदार्थ) जिहाद के जाल में फंस रही हैं। जोसेफ ने यह भी कहा, ''चूंकि जिहादी जानते हैं कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हथियारों के जरिए गैर—मुसलमानों को बर्बाद नहीं किया जा सकता है, इसलिए वे लोग गैर—मुस्लिम लड़कियों को अपने जाल में फंसाने के लिए लव और नार्कोटिक जिहाद के हथकंडे अपना रहे हैं। जिहादी प्यार और दूसरे तरीकों से अन्य मत—पंथ की महिलाओं का दुरुपयोग आतंकवादी गतिविधियों या आर्थिक लाभ के लिए करते हैं। उनका लक्ष्य अपने मजहब को बढ़ाना और गैर-मुस्लिमों को समाप्त करना है। यह जिहादियों की रणनीति है।''
उन्होंने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा के कुछ बयानों की चर्चा करते हुए कहा, ''केरल आतंकवादियों का भर्ती केंद्र बन गया है। यहां जिहादी तत्वों का भूमिगत प्रकोष्ठ मौजूद है।''
लेकिन जिन लोगों को केवल और केवल सत्ता से मतलब है, उन्हें उनकी ये बातें बिल्कुल पसंद नहीं आईं। दूसरी ओर जिन लोगों को केरल के भविष्य को लेकर चिंता है, उन्होंने जोसेफ का समर्थन किया है। इनमें एक प्रमुख व्यक्ति हैं केरल के भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन। उन्होंने कहा है, ''बिशप ने जो कुछ कहा है, वह गंभीर मुद्दा है और इस पर बिना पूर्वाग्रह चर्चा और विश्लेषण होना चाहिए।'' जोसेफ का विरोध करने वालों में केरल के मुख्यमंत्री के. विजयन और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पीटी थॉमस शामिल हैं। विजयन को तो जोसेफ की बात सांप्रदायिक लग रही है। इसलिए उन्होंने कहा है, ''जिम्मेदार पदों पर बैैठे लोगों को सांप्रदायिक बयान देने से बचना चाहिए।'' इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ''मैं पहली बार नार्कोटिक जिहाद के बारे में सुन रहा हूं।'' वहीं पीटी थॉमस को जोसेफ का बयान सामाजिक ताने—बाने के विरुद्ध लगता है। इसलिए उन्होंने कहा है, ''हम नहीं जानते कि बिशप ने किन आधारों पर यह टिप्पणी की है, लेकिन इसने केरल के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह प्रभावित किया है।'' इसके साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा, ''मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि किसी को भी हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्य को नष्ट करने के लिए बहुत अधिक समर्थन नहीं देना चाहिए। हम इन बयानों की कड़ी निंदा करते हैं। हमें अपने राज्यों में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।''
यानी विजयन और थॉमस ने सब कुछ जानते हुए भी केवल अपने वोट बैंक को साधने के लिए जोसेफ के बयानों का विरोध किया। क्या इन दोनों नेताओं को यह नहीं पता है कि केरल से ही सबसे ज्यादा युवा आईएसआईएस में शामिल हुए हैं! क्या इन दोनों नेताओं को यह नहीं पता है कि इस समय भी केरल की चार लड़कियां आतंकवादी गतिविधियों के कारण अफगानिस्तान की जेलों में बंद हैं! क्या इन्हें यह नहीं पता कि केरल एक ऐसा राज्य बन चुका है, जहां लव जिहाद की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं! इसका शिकार केवल हिंदू और ईसाई लड़कियां होती हैं। लव जिहाद में फंसाने के बाद इन लड़कियों की ऐसी दुर्गति कर दी जाती है कि वे चाहकर भी उनके चंगुल से बाहर नहीं निकला पाती हैं। इसके बाद ये जिहादी उन लड़कियों को आतंकवादी हरकतों में भी शामिल करने के लिए मजबूर कर देते हैं। इसके उदाहरण हैं सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, रफीला, मेरिन जैकब उर्फ मरियम और निमिशा उर्फ फातिमा ईसा। ये चारों अभी भी अफगानिस्तान की जेलों में हैं। इनमें से निमिशा हिंदू है, बाकी तीनों ईसाई हैं। निमिशा ने तो अफगानिस्तान की जेल में एक बच्चे को भी जन्म दिया है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद निमिशा की मां बिंदु संपत ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि सरकार निमिशा और उसके बच्चे को भारत लाने का प्रयास करे, नहीं तो वे दोनों तालिबान के हाथ लग जाएंगे। लेकिन यह माना जा रहा है कि भारत सरकार इन लड़कियों को भारत लाने के पक्ष में नहीं है।
बता देें कि निमिशा 2017 में अचानक एक दिन अपने घर से गायब हो गई थी। बाद में पता चला कि उसने एक लव जिहादी से निकाह कर लिया है। उसी जिहादी ने उसे आतंकवादी भी बनाया और अफगानिस्तान ले जाकर उसे आईएसआईएस में शामिल करवा दिया। 2019 में निमिशा का शौहर यानी जिहादी अफगानिस्तान में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया। इसके बाद निमिशा ने आत्मसमर्पण कर दिया। तभी से वह अफगानिस्तान की जेल में है।
ठीक ऐसी ही कहानी सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, रफीला और मेरिन जैकब उर्फ मरियम की भी है। इसके बावजूद केरल के मुख्यमंत्री के. विजयन और केरल कांग्रेस के अध्यक्ष पीटी थॉमस ने बिशप जोसेफ की बातों का विरोध किया है। जोसेफ यह जानते थे कि उनके इस बयान का विरोध होगा और शायद इसीलिए उन्होंने ऐसे नेताओं के लिए भी कहा है, ''जो राजनेता, सामाजिक-सांस्कृतिक नेता और पत्रकार यह कह रहे हैं कि केरल में 'लव जिहाद और नार्कोटिक जिहाद' नहीं है, वे सचाई से आंखें मूंद रहे हैं। इसके पीछे उनके निहित स्वार्थ हो सकते हैं।''