नेपाल: चीन ने हुमला में दो किमी अंदर आकर किया पक्का निर्माण, देउबा सरकार ने जताया विरोध

    दिनांक 13-सितंबर-2021
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 दिनेश मानसेरा
चीन और नेपाल सीमा विवाद अब नेपाल सरकार को साफ दिखाई देने लगा है। नेपाल की नई देउबा सरकार ने 2020 में ओली सरकार के दौरान चीन द्वारा नेपाल सीमा के भीतर जाकर अतिक्रमण को गम्भीरता से लिया है और इसकी जांच के लिए एक समिति बनाई है।
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चीन और नेपाल सीमा विवाद अब नेपाल सरकार को साफ दिखाई देने लगा है। नेपाल की नई देउबा सरकार ने 2020 में ओली सरकार के दौरान चीन द्वारा नेपाल सीमा के भीतर जाकर अतिक्रमण को गम्भीरता से लिया है और इसकी जांच के लिए एक समिति बनाई है।
ओली सरकार के दौरान चीन ने पश्चिम जिला हुमला के नामखा गांव के लौलुंगजोंग में अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर लिए। चीन ने यहां सीमा पर 5 सीमा पिलर्स को हटा दिए। ये वही स्थान है, जहां 10 अक्टूबर, 2020 को नेपाली सीमांकन दल इस खबर की सचाई जानने वहां गया था तो चीनी सैनिकों ने नेपालियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ दिये थे। नेपाल सशस्त्र दल के जवानों को भी चीनी सैनिकों ने दूर खदेड़ दिया था। इस घटना को ओली सरकार ने दबा दिया लेकिन अब शेर बहादुर देउबा ने प्रधानमंत्री बनते ही चीन सीमा पर अपनी बीओपी को बढ़ाना शुरू कर दिया है।
दरअसल हुमला जिले में चीन ने बॉर्डर पिलर्स उखाड़ कर 2 किमी तक कब्जा किया हुआ है।
चीन और नेपाल सैनिकों की हुई झड़पों के बाद देउबा सरकार ने एक सात सदस्यीय समिति बना कर इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए पिछले महीने नियुक्त की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस घुसपैठ या अतिक्रमण को सही माना है और ये भी रिपोर्ट दी है कि चीन ने यहां पक्के निर्माण कर लिए हैं।
हुमला जिला ऐसा इलाका है, जहां से भारत की सीमा पर भी नज़र रखी जा सकती है। इसलिए यहां चीन के सैनिकों की छावनी बन जाना नेपाल और भारत दोनों के लिए खतरनाक है।
देउबा सरकार अपने स्तर पर इस अतिक्रमण का विरोध जता चुकी है और धीरे—धीरे ये विषय अंतराष्ट्रीय विवाद का रूप ले रहा है। जानकारी के मुताबिक जिस तरह भारत नेपाल की सीमा खुली है, वैसे ही चीन नेपाल की सीमा खुली हुई है। जिसका फायदा अब चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत उठाने लगा है। आमतौर पर चीन अक्सर भारत की सीमाओं में हर साल घुसने की कोशिश करता है, लेकिन अब वह नेपाल के अंदर भी अपने सैनिकों की घुसपैठ को बढ़ावा देने लगा है। जिसका विरोध नेपाल की देउबा सरकार द्वारा किया जा रहा है।
नेपाल सरकार द्वारा बनाई गई समिति के प्रमुख एवं कानून मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की का कहना है कि चीन ने नेपाल की सीमा में अतिक्रमण किया है, इसकी पुष्टि समिति ने कर ली है। अब इस मुद्दे को चीन सरकार के सम्मुख रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक एक हुमला ही नहीं चीन ने नेपाल की सीमाओं पर कहीं कम तो कहीं ज्यादा अतिक्रमण किया हुआ है, जिसकी खबरें अब धीरे—धीरे छनकर बाहर आने लगी हैं।