पाकिस्तान की मंशा तार-तार, तालिबान नहीं करेगा उसकी मुद्रा में व्यापार, पाकिस्तानी रुपए से किया इंकार

    दिनांक 13-सितंबर-2021   
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पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तारिन ने कहा था कि अब उनका अफगानिस्तान के साथ कारोबार पाकिस्तानी रुपये में होगा, लेकिन तालिबान ने साफ कहा, पड़ोसी देशों के बीच कारोबारी लेन-देन अफगानी मुद्रा में होगा
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12 सितम्बर को अफगानिस्तान में अफगानी मुद्रा के समर्थन में हुए जनजागरण अभियान की जानकारी देता ट्वीट। (प्रकोष्ठ में) अहमदुल्ला वासीक 
तालिबान के लड़ाकों को झांसे में लकर अपनी मुद्रा को अफगानिस्तान में चलाने की पाकिस्तान सोच की तालिबान की 'सरकार' ने धज्जियां उड़ा दी हैं। पाकिस्तान के एक मंत्री ने दो दिन पहले घोषणा कर दी थी
कि अफगानिस्तान से कि कारोबार में वह अपने रुपये को इस्तेमाल करेगा। लेकिन अब पाकिस्तान के इस दावे का तालिबान ने खंडन करके इस्लामाबाद को चौंका दिया है।
पाकिस्तान के वित्त एवं राजस्व मंत्री शौकत तारिन ने पिछले हफ्ते में वित्त मामलों की सीनेट समिति को बताया था कि “अब उनका अफगानिस्तान के साथ कारोबार पाकिस्तानी रुपये में होगा, क्योंकि वे अपने डॉलर के भंडार को जस का तस रखना चाहते हैं।” शौकत ने अफगानिस्तान के साथ हुए मुद्रा बदलने के करार के अंतर्गत रुपए में कारोबार करने की दावेदारी की थी। लेकिन अब तालिबान ने उनके इस दावे की फजीहत कर दी है। इस संदर्भ में समा टीवी में बताया गया है कि तालिबान के सांस्कृतिक आयोग से जुड़े अहमदुल्ला वासीक ने साफ कह दिया है कि 'पड़ोसी देशों के बीच कारोबारी लेन—देन अफगानी मुद्रा में होगा।'
पहले इस विषय को लेकर जहां पाकिस्तानी सरकार बल्लियों उछल रही थी, वहीं अब वासीक के बयान के बाद उसकी बोलती बंद है। पाकिस्तान के दावों की तालिबान ने हवा निकाल दी है।
अहमदुल्ला वासीक ने स्पष्ट कहा कि 'पाकिस्तानी मुद्रा में कारोबार किए जाने के दावे वाले समाचार झूठे थे। तालिबान अपनी पहचान को तरजीह देता है। इसलिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे मुल्क के आर्थिक और मजहबी हितों को चोट पहुंचे।'
अहमदुल्ला वासीक ने स्पष्ट कहा कि 'पाकिस्तानी मुद्रा में कारोबार किए जाने के दावे वाले समाचार झूठे थे। तालिबान अपनी पहचान को तरजीह देता है। इसलिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे मुल्क के आर्थिक और मजहबी हितों को चोट पहुंचे।'
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की मुद्रा में अफगानिस्तान से कारोबार होने की जब खबरें आई थीं तब अफगान लोगों ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। सोशल मीडिया पर सक्रिय अफगानियों ने लिखा था—'हम अफगानिस्तान के नागरिक हैं। हमारी जिम्मेदारी है अफगान मुद्रा का उपयोग करें। अफगानिस्तान में हर तरह का लेन-देन अफगानी मुद्रा में ही होना चाहिए।' उनका मानना है कि पाकिस्तान और उसकी मुद्रा से दुगुनी ताकत है अफगान मुद्रा में इसलिए देश की खातिर सारे अफगानी अपने देश की ही मुद्रा उपयोग करें। इस दिशा में जनजागरण लाने के लिए 12 सितम्बर को अफगानिस्तान में एक अभियान भी चलाया गया।