भागलपुर तक पहुंची तालिबानी सोच, एक छात्रावास में बुर्का अनिवार्य

    दिनांक 13-सितंबर-2021   
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भारत के कुछ कट्टरवादी तालिबान की जीत का जश्न मना रहे हैं, वहीं कुछ नेता भी तालिबान के पक्ष में बयान दे रहे हैं। इसका असर दिखने लगा है। 12 सितंबर को बिहार के भागलपुर में एक छात्रावास में रहने वालीं लड़कियों को बुर्का पहनने का फरमान सुनाया गया है।
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तालिबानी सोच को भारत में भी लागू करने की कोशिशें होने लगी हैं। इसका एक उदाहरण 12 सितंबर को बिहार के भागलुपर में मिला। यहां के एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए बुर्का अनिवार्य कर दिया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार छात्रावास अधीक्षक ने कहा है कि कोई भी लड़की छात्रावास में कमीज और पैंट में नहीं रहेगी। छात्रावास में रहने वाली लड़कियां पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करें और कहीं बाहर जाने पर बुर्का जरूर पहनें। इसके बाद छात्रावास में रहने वालीं कुछ लड़कियों ने इसका विरोध किया। यही नहीं, उन्होंने छात्रावास के गेट पर पथराव भी किया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस बुलानी पड़ी।
छात्राओं का कहना है कि अफगानिस्तान की तरह भारत में भी कुछ कट्टरवादी शरिया कानून लागू करना चाहते हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक छात्रा ने बताया कि जब लड़कियां कभी पैंट पहनती हैं, तो छात्रावास अधीक्षक डांटती हैं। कभी—कभी गाली भी देती हैं। कुछ अन्य लड़कियों ने बताया कि छात्रावास अधीक्षक उनके घर वालों को गलत जानकारी भी देती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि लड़कियां डर के रहें और उनकी हर बात मानें।
वहीं छ़ात्रावास अधीक्षक ने छात्राओं द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोपों से मना किया है। अब यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक भी पहुंच चुका है। मामले की जांच चल रही है। लेकिन दुर्भाग्य से मुस्लिम समाज की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।