उत्तराखंड: कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए संघ ने की तैयारी, 64 हजार स्वयंसेवकों को मिल रहा है प्रशिक्षण

    दिनांक 13-सितंबर-2021
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 उत्तराखंड ब्यूरो
उत्तराखंड में कोविड की तीसरी लहर का सामना करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने का काम लगभग पूरा कर लिया है। करीब 64 हज़ार स्वयंसेवक गांव स्तर पर इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए अपना योगदान देंगे।
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प्रतीकात्मक चित्र 
उत्तराखंड में कोविड की तीसरी लहर का सामना करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने का काम लगभग पूरा कर लिया है। करीब 64 हज़ार स्वयंसेवक गांव स्तर पर इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए अपना योगदान देंगे।
संघ के स्वयंसेवक कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान उत्तराखंड के लोगों की मदद के लिए आगे आए थे। जरूरतमंदों को राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के मामले में स्वयंसेवकों ने सबसे आगे रहकर अपनी भूमिका को जनमानस के बीच एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया था।
देश में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए संघ ने अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया है। संघ ने पहले प्रान्त, विभाग, जिला, तहसील और ग्राम स्तर पर अपने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा कर लिया है।
संघ ने चिकित्सा विशेषज्ञों के सुझावों पर कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने, कोरोना से बचने के लिए क्या—क्या सावधानियां बरतनी चाहिए ? कोरोना होने के बाद क्या—क्या करना चाहिए ? इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा प्रचार विभाग द्वारा एक पत्रक भी बनाया गया है, जिसमें कोरोना रोकथाम के उपाय सुझाए जा रहे हैं।
बता दें कि कोविड की तीसरी लहर की संभावना दशहरे के बाद व्यक्त की जा रही है। ऐसे में जनमानस को हर तरह से तैयार रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस लहर का असर छोटे बच्चों पर ज्यादा हो सकता है।