पाकिस्तान के शेख राशिद ने फिर खोला राज, 'हमारे यहां पले-बढ़े, प्रशिक्षण पाए हैं बड़े तालिबान नेता'

    दिनांक 02-सितंबर-2021   
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विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि दुनिया को अफगानिस्तान को अनदेखा नहीं छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इसके नतीजे खतरनाक होंगे। पीटीआई की बड़बोली नेता, इमरान की पसंदीदा, नीलम इरशाद शेख ने भी हाल में कहा भी था कि कश्मीर तो तालिबान जीतकर पाकिस्तान को देगा
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पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद

पड़ोसी इस्लामी देश के बड़बोले गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने आतंकवाद को पोस रहे पाकिस्तान की दुनिया के सामने एक बार फिर कलई खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा है, 'पाकिस्तान ने एक लंबे वक्त तक तालिबान की चिंता की है, उसकी देखभाल की है। 'हम' चैनल के एक कार्यक्रम में राशिद ने कहा, ‘तालिबान के सभी बड़े नेता पाकिस्तान में ही तो पैदा हुए, पले-बढ़े हैं। हमने उनकी सेवा की है, उन्हें ट्रेनिंग दी है। इतना ही नहीं, कई तालिबान नेता अभी भी पढ़ाई कर रहे हैं।’ राशिद की यह बात पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर उन आरोपों की पुष्टि की है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के जिहादी कब्जे में पाकिस्तान पूरी तरह से लिप्त रहा है।

गृह मंत्री राशिद ने तालिबान की मदद करने को लेकर पाकिस्तान की दुनिया भर में हो रही फजीहत के संदर्भ में कहा, ‘मुल्ला बरादर तो पाकिस्तान की जेल में ही था। अमेरिका ने हमसे कहा, उसे रिहा करने के लिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा हम चाहते हैं शांति हो। यह सीमा पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए अनुकूल है।’

राशिद ने कहा, ‘तालिबान के सभी बड़े नेता पाकिस्तान में ही तो पैदा हुए, पले-बढ़े हैं। हमने उनकी सेवा की है, उन्हें ट्रेनिंग दी है। इतना ही नहीं, कई तालिबान नेता अभी भी पढ़ाई कर रहे हैं।’ राशिद की यह बात पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर उन आरोपों की पुष्टि की है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के जिहादी कब्जे में पाकिस्तान पूरी तरह से लिप्त रहा है। राशिद ने तालिबान की मदद करने को लेकर पाकिस्तान की दुनिया भर में हो रही फजीहत के संदर्भ में कहा, ‘मुल्ला बरादर तो पाकिस्तान की जेल में ही था। अमेरिका ने हमसे कहा, उसे रिहा करने के लिए।’

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने 1 सितम्बर को कहा था कि दुनिया को अफगानिस्तान को अनदेखा नहीं छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इसके नतीजे खतरनाक होंगे। कुरैशी ने कहा, ‘इस तरह के कदम के घातक नतीजे होंगे।' यह कोई पहली बार पाकिस्तान के नेताओं ने तालिबान से अपने देश के रिश्तों को स्वीकार नहीं किया था। पीटीआई की बड़बोली नेता, इमरान की पसंदीदा, नीलम इरशाद शेख ने कुछ दिन पहले कहा भी था कि कश्मीर तो तालिबान जीतकर पाकिस्तान को देगा। तालिबान को पाकिस्तान से लगातार मिल रही मदद के बारे में दुनिया को मालूम है, चाहे पाकिस्तान इससे कितना भी इंकार क्यों न करे।