छत्‍तीसगढ़ में जबरन कन्‍वर्ज पर लोगों का गुस्‍सा फूटा, पादरी को पीटा

    दिनांक 03-सितंबर-2021   
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छत्‍तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पोल्‍मी गांव में लगभग 100 लोगों ने ‘कन्‍वर्जन रोके’ के नारे लगाते हुए एक पादरी के घर पर हमला किया।
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 छत्‍तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कन्‍वर्जन का आरोप लगाते हुए लोगों की भीड़ ने पादरी के घर पर हमला किया।

छत्‍तीसगढ़
के पिछड़े और वनवा‍सी इलाकों में ईसाई मिशनरियों ने अपना मकड़जाल फैला लिया है। इन इलाकों में वे जबरन वनवासी समुदाय का कन्‍वर्जन कर रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे भोले-भाले लोगों को इनकी चालबाजियां समझ में आ रही हैं, उनका विरोध कर रहे हैं। सूबे के कबीरधाम जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां करीब 100 लोगों ने एक पादरी की जमकर पिटाई कर दी।

यह घटना रविवार 29 सितंबर की है। कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के अनुसार, जिले के कुकडुर थानांतर्गत पोल्‍मी गांव में दोपहर करीब 1 बजे ‘कन्‍वर्जन रोको’ के नारे लगाते हुए लोगों की भीड़ ने 25 वर्षीयपादरी कवल सिंह परास्‍ते के घर पर हमला किया।

उस समय पादरी के घर में पार्थना चल रही थी। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि पादरी लोगों का कन्‍वर्जन कराता है। इसके बाद घर में घुसकर भीड़ ने पादरी के साथ मारपीट की और वहां रखी पांथिक किताबें फाड़ दीं। भीड़ ने पादरी के परिजनों को भी पीटा। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंचती, इससे पहले ही लोग भाग गए। पुलिस अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच कर रही है। एसपी गर्ग का कहना है कि हमले में शामिल कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है। उनकी तलाश की जा रही है।

वहीं, छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस और सरकार का रुख नरम है और उनके खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। फोरम ने दावा किया कि बीते 15 दिनों में ईसाइयों के पांथिक स्‍थलों पर ऐसे 10 हमले हो चुके हैं। लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। फोरम जल्‍द ही इसे लेकर सर्वोच्‍च न्‍यायालय में जनहित याचिका दाखिल करेगा।