'न अश्लीलता चलेगी, न कम्युनिस्ट विचारधारा का विरोध, संभल जाएं टीवी और फिल्म उद्योग', बीजिंग का फरमान

    दिनांक 04-सितंबर-2021   
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 राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल चित्र)
चीन की टीवी नियामक संस्था का ताजा आदेश है कि ऐसे कलाकारों को टीवी पर न दिखाया जाए जो इंटरनेट पर अश्लील प्रदर्शन के लिए मशहूर हैं। बीजिंग ने फिल्म और टीवी कार्यक्रमों के लिए दिशानिर्देश जारी किए है कि कम्युनिस्ट विचारधारा का विरोध करने वालों के कार्यक्रम न दिखाए जाएं। बीजिंग का स्पष्ट आदेश हे कि ऐसे कलाकारों को कार्यक्रमों में न लिया जाए जो 'कम्युनिस्ट सोच को भ्रष्ट' करने में जुटे हैं
स्कूल कॉलेज की किताबों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट सोच पढ़ाए जाने की तैयारी के बाद अब चीन सरकार ने अपने फिल्म उद्योग और टीवी कार्यक्रम बनाने वालों की मुश्कें कसनी शुरू कर दी है। इसके पीछे मंशा अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना बताई जा रही है।
चीन की टीवी नियामक संस्था का ताजा आदेश है कि मर्दों को महिलाओं का बाना पहनाकर फूहड़ता परोसनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कलाकारों को टीवी पर न दिखाया जाए जो इंटरनेट पर इस तरह के अश्लील प्रदर्शन के लिए मशहूर हैं।
चीन सरकार ने फिल्म उद्योग पर पिछले दिनों अपनी पकड़ और बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं। बीजिंग ने फिल्म और टीवी कार्यक्रमों के लिए दिशानिर्देश जारी किए है कि कम्युनिस्ट विचारधारा का विरोध करने वालों के कार्यक्रम न दिखाए जाएं। ऐसे कलाकारों को कार्यक्रमों में न लिया जाए जो 'कम्युनिस्ट सोच को भ्रष्ट' करने में जुटे हैं।
एक बार फिर, वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कम्युनिस्ट विचारों के अंतर्गत ही तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और मजहब से जुड़े कार्यक्रम बनने चाहिए। वहां की टीवी नियामक संस्था ने कहा है कि फिल्में बनाने वाले और टीवी कार्यक्रमों के निर्माता ऐसी फिल्में और टीवी कार्यक्रम बनाएं जो कम्युनिस्ट सोच को प्रचारित करते हों।
इसके साथ ही, शी की सरकार इंटरनेट उद्योग पर भी पकड़ कसती जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'वीबो' ने 'फैन क्लब' और मनोरंजन वाली खबरों के हजारों खाते बंद कर दिए हैं।