फीनिक्स में बढ़ा तनाव, भारतीयों और अश्वेतों के बीच हिंसक टकराव

    दिनांक 06-सितंबर-2021   
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सड़कों को आक्रोशित भारतीय मूल के लोगों ने जाम कर दिया है। व्हाट्सएप संदेशों ने तनाव को बढ़ाने में पूरा योगदान दिया है। लोग संदेशों को पढ़कर एकत्र हो जाते हैं और पूरा माहौल तनावग्रस्त हो जाता है
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फीनिक्स में आगजनी का एक दृश्य  (फाइल चित्र)

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा को जेल भेजे जाने के विरुद्ध वहां के फीनिक्स शहर में शुरू हुआ संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। मई 2021 से वहां भारतीयों और अफ्रीकी अश्वेतों के मध्य जमकर हिंसक झड़पें हुई हैं जो तब से लगातार जारी हैं। एक वक्त तो ये इतनी बढ़ गई थीं कि राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को बयान जारी करके शांति की अपील करनी पड़ी थी। इन दंगों में अब तक बड़ी तादाद में लोग मारे जा चुके हैं।

खबर है कि भारतीय मूल के लोग खुद को अश्वेतों द्वारा बेवजह निशाना बनाए जाने से गुस्से में हैं। उन्होंने अश्वेतों की एक उग्र भीड़ को घेर लिया और जमकर संघर्ष हुआ। अश्वेत युवाओं के समूह को जबरदस्त चोटें आईं। रिपोर्ट है कि उनमें से कई की बाद में मौत हो गई।

न्यूयार्क टाइम्स की रपट के अनुसार, अफ्रीकी अश्वेतों और भारतीय मूल के लोगों के मध्य पिछले दिनों सड़कों पर हुए हिंसक संघर्ष में दर्जनभर अश्वेतों की जान चली गई है। खबर है कि भारतीय मूल के लोग खुद को अश्वेतों द्वारा बेवजह निशाना बनाए जाने से गुस्से में हैं। उन्होंने अश्वेतों की एक उग्र भीड़ को घेर लिया और जमकर संघर्ष हुआ। अश्वेत युवाओं के समूह को जबरदस्त चोटें आईं। रिपोर्ट है कि उनमें से कई की बाद में मौत हो गई।

फीनिक्स की अनेक सड़कों को आक्रोशित भारतीय मूल के लोगों ने जाम कर दिया है। व्हाट्सएप संदेशों ने तनाव को बढ़ाने में पूरा योगदान दिया है। लोग संदेशों को पढ़कर एकत्र हो जाते हैं और पूरा माहौल तनावग्रस्त हो जाता है। कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले अनेक दिन से व्हाट्सएप पर बार-बार ऐसे संदेश आ रहे थे कि अफ्रीकी अश्वेत आने वाले कुछ दिनों में भारतीय मूल के लोगों पर हिंसक हमला बोल सकते हैं।
फिलहाल यह मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात और बिगड़ सकते हैं। भारतीय मूल के लोगों में आक्रोश अभी ठंडा नहीं हुआ है। स्थानीय प्रशासन सतर्क है।