'आजादी' से डरे तालिबान ने प्रदर्शनकारी महिलाओं पर चलाई गोलियां, पाकिस्तान के विरुद्ध नारे नहीं हुए जिहादियों को बर्दाश्त

    दिनांक 07-सितंबर-2021   
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प्रदर्शनकारियों के नारों में "आजादी, आजादी" तथा "पाकिस्तान को मौत", "आईएसआई को मौत" सुनाई देते ही तालिबान लड़ाकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं
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रैली में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाती हुईं काबुल की महिलाएं 
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पल-पल स्थितियां बदलती दिख रही हैं। तालिबान ने भले ही बंदूक के दम पर वहां कब्जा कर लिया है, लेकिन उसके लिए सरकार बनाना और अपना दबदबा कायम रखना मुश्किल पड़ रहा है। आएदिन अमनपसंद नागरिकों की तरफ से कहीं न कहीं रैलियां निकाली जा रही हैं। इस कड़ी में 7 सितम्बर यानी आज सुबह आम लोगों ने एक जबरदस्त प्रदर्शन किया जिसमें उन्होंने पाकिस्तान और उसकी गुप्तचर संस्था आईएसआई के विरुद्ध जमकर नारे लगाए।
रैली में सैकड़ों अफगानी शामिल थे जिनमें महिलाओं की बड़ी संख्या थी। उनके चेहरों पर तालिबान को खाद-पानी देते आ रहे पाकिस्तान के विरुद्ध आक्रोश साफ झलक रहा था। काबुल की सड़कों पर अफगान लोगों ने इस्लामाबाद को जमकर कोसा और आईएसआई की पोल खोलते हुए नारेबाजी की। लेकिन इस प्रदर्शन को परवान चढ़ते देख, तालिबान लड़ाकों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। प्राप्त समाचारों के अनुसार, तालिबान ने कई राउंड गोलियां चलाईं।
स्थानीय समाचार एजेंसी पाझवॉक के अनुसार, तालिबान ने काबुल में राष्ट्रपति महल के पास इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। प्रदर्शन में शामिल लोग मार्च करते हुए काबुल सेरेना होटल की ओर बढ़ रहे थे। ये वही होटल है जहां गत सप्ताह आईएसआई प्रमुख ठहरे थे।
तालिबान ने काबुल में राष्ट्रपति महल के पास इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। प्रदर्शन में शामिल लोग मार्च करते हुए काबुल सेरेना होटल की ओर बढ़ रहे थे। ये वही होटल है जहां गत सप्ताह आईएसआई प्रमुख ठहरे थे।
प्रदर्शन के वायरल हुए वीडियो में अफगान पुरुष और महिलाओं को नारे लगाते देखा जा सकता है, उन्होंने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी हैं। वे बुलंद आवाज में पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के नारों में "आजादी, आजादी" तथा "पाकिस्तान को मौत", "आईएसआई को मौत" सुनाई देते ही तालिबान लड़ाकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
वीडियो में, एक अफगान महिला कहती दिखाई दे रही है कि किसी को भी पंजशीर पर हमला करने का हक नहीं है, न ही पाकिस्तान को और न ही तालिबान को। जबकि दूसरी ओर, तालिबान बार-बार झूठे दावे कर रहे हैं कि उन्होंने पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया है। उनके इस झूठ को फैलाने में पाकिस्तान का पूरा हाथ बताया जा रहा है। सच यह है कि पंजशीर में रेसिस्टेंस फोर्स के योद्धा तालिबान को जबरदस्त टक्कर दे रहे हैं। एक अपुष्ट आंकड़े के अनुसार, वहां करीब 800 तालिबान लड़ाके ढेर हो चुके हैं। लोगों में पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आईएसआई प्रमुख के शनिवार को काबुल दौरे को लेकर जबरदस्त गुस्सा है।