इंग्लैंड में 'लुटेरों' ने मंदिर से चुराए हजारों पाउंड, तोड़ीं देवी-देवताओं की प्रतिमाएं

    दिनांक 08-सितंबर-2021   
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 हैरानी की बात है कि इसी मंदिर में गत मई माह के बाद से यह पांचवीं ऐसी घटना है। इससे संदेह होता है कि इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ी साजिश है

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मंदिर में चोरी और तोड़-फोड़ पर बीबीसी की रपट के साथ ट्वीट


इंग्लैंड में स्विंडन स्थित एक हिंदू मंदिर में पिछले दिनों लुटेरों ने हजारों पाउंड चुरा लिए। इतना ही नहीं, स्थानीय हिन्दुओं को इस बात पर शंका है कि वे सिर्फ पैसा लूटने वाले लुटेरे ही थे, क्योंकि पैसा लूटने से ही वे शांत नहीं हुए, उन्होंने वहां देव प्रतिमाओं को भी तोड़ा है। हैरानी की बात है कि इसी मंदिर में गत मई माह के बाद से यह पांचवीं ऐसी घटना है। इससे संदेह होता है कि इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ी साजिश है। मंदिर के पीछे बने गोदाम में पहले भी कई बार तोड़-फोड़ की गई है। कभी वहां से बिजली के तार चुराए गए तो कभी कुछ और सामान लूटा गया। 

गत 5 महीने में इस मंदिर में हुई इस पांचवीं घटना में 'लुटेरों' ने सिर्फ पूरे मंदिर को तहस-नहस ही नहीं किया बल्कि सामान को यहां से वहां फेंक दिया। इतना ही नहीं, मंदिर में रखे दान पात्र से हजारों पाउंड नकद भी चुरा लिए गए। इस पूरे प्रकरण की जानकारी 4 सितम्बर को प्राप्त हुई हालांकि माना जा रहा है कि यह सब पिछले हफ्ते मंगलवार से शनिवार के बीच हुआ है। पिछले मामले की तरह कहने को तो पुलिस इस मामले की भी जांच में जुट गई है। लेकिन मंदिर से जुड़े हिन्दू समाज को किसी और ही चीज का संदेह है।


मामले की जांच कर रही विल्टशायर पुलिस ने इस बारे में और जानकारी इकट्ठी करनी शुरू की है, उन्होंने लोगों से इससे जुड़ी जो भी बात पता है, उसे साझा करने की अपील की है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप भारद्वाज बार-बार हो रहीं ऐसी घटनाओं से बहुत आहत हैं। उनका कहना है कि ये घटना हिंदू समाज के लिए गंभीर चिंता की बात है।

भारद्वाज का कहना है कि आसपास के सभी हिन्दू परिवार इस प्रकार से मंदिर में तोड़-फोड़ किए जाने को लेकर दुखी हैं। आगे से ऐसा कुछ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए फिलहाल कुछ लोग रात भर मंदिर में ही रहते हैं। वे आहत हैं कि उनके देवाताओं की प्रतिमाओं को ऐसे तोड़ दिया गया।

प्रदीप कहते हैं उन्होंने पुलिस आयुक्त से इस घटना पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही स्विंडन बरो परिषद को भी इस घटना से अवगत करा दिया गया है। मंदिर से बड़ी तादाद में नकदी लूटी गई है। साथ ही लुटेरे, कुछ कलाकृतियां भी चुरा ले गए हैं। प्रदीप का कहना है कि बात सिर्फ नकदी चुराने की ही नहीं है, देवताओं की मूर्तियां और चित्र तोड़ने से स्थानीय हिन्दू काफी आहत हैं।

कोरोना महामारी की वजह से इलाके का यह एकमात्र हिंदू मंदिर गत 18 महीनों में अधिकांशत: बंद रहा है। लेकिन अब इसके खुलने के आसार देखकर स्थानीय हिन्दू बहुत उत्साहित थे। विशेष रूप से आने वाले त्योहारों में तो मंदिर में अनेक आयोजन किए जाने को लेकर लोगों में काफी जोश था।


मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप भारद्वाज बार-बार हो रहीं ऐसी घटनाओं से बहुत आहत हैं। उनका कहना है कि ये घटना हिंदू समाज के लिए गंभीर चिंता की बात है। आसपास के सभी हिन्दू परिवार इस प्रकार से मंदिर में तोड़-फोड़ किए जाने को लेकर दुखी हैं। आगे से ऐसा कुछ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए फिलहाल कुछ लोग रात भर मंदिर में ही रहते हैं।