नकली है मायावती का ब्राह्मण प्रेम-- सिद्धार्थ नाथ सिंह

    दिनांक 08-सितंबर-2021   
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चुनाव नजदीक आते ही बसपा ने जातिगत आधार पर सम्मेलन करना शुरू कर दिया. वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भी बसपा ने इसी तरह के जातिगत सम्मेलन किये थे. इस बार कानूनी अड़चन को देखते हुए ब्राहमण जाति के सम्मलेन को प्रबुद्ध सम्मलेन का नाम दिया गया  है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बसपा के प्रबुद्ध सम्मेलन को छलावा बताया.
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राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बसपा के प्रबुद्ध समाज सम्मेलनों को छलावा बताया है. सिद्धार्थनाथ ने कहा है कि  बसपा आज ब्राह्मण समाज के हित में दुबली हुई जा रही है जबकि उत्तर प्रदेश का समाज "तिलक, तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार" का नारा भूला नहीं है. वह मायावती के बहकावे में आने वाला नहीं है.
 

मायावती पर कटाक्ष करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि रंग बदलने में मायावती का कोई जवाब नहीं. अब बहुत देर हो चुकी है. उनके मुंह से जय श्रीराम और जय परशुराम के नारे अच्छे नहीं लगते. सत्ता में रहते हुए स्मारक बनाने के अलावा किया क्या?

यहां तक कि खुद का भी स्मारक बना डाला. रही बात सामाजिक भेदभाव की तो मायावती  इसकी जीती जागती मिसाल हैं. सामाजिक समरसता की बातें सिर्फ दिखावा हैं. भाजपा की सरकार में पहली बार बिना भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र को मिल रहा है.