सैंया भए कोतवाल अब डर काहे का...

    दिनांक 08-सितंबर-2021   
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पिता नंदकुमार बघेल के ब्राह्मण विरोधी बयान पर कहा था कि कानून सभी के लिए बराबर है। उनकी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वे मुख्‍यमंत्री के पिता ही क्‍यों न हों। लेकिन रायपुर पुलिस जब उनके पिता को आगरा से गिरफ्तार कर ले गई तो थाने में उनकी आवभगत हुई। थाने में उन्‍हें इंस्‍पेक्‍टर की मेज पर खाना और तांबे के पात्र में पानी परोसा गया।
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हिरासत में लेने के बाद थाने में छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल की खातिरदारी।

सोशल मीडिया पर यह तस्‍वीर वायरल होते ही लोगों ने छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री की खिंचाई शुरू कर दी। प्रीति गांधी नामक एक उपयोगकर्ता ने ट्वीट किया, ‘छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को ब्राह्मणों के खिलाफ अपमानजनक टिपपणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हिरासत में रहते हुए शाही खातिरदारी की एक तसवीर साझा कर रही हूं। यह मुझे प्रसिद्ध हिंदी मुहावरे की या‍द दिलाता है, जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का?’ दूसरे उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘मुख्‍यमंत्री बघेल की यह नौटंकी टी.एस. सिंहदेव के खिलाफ अपनी छवि चमकाने के लिए है।

एक अन्‍य उपयोगकर्ता ने लिखा, सुना है राजनीति में लोग अपना ईमान कुर्बान कर देते हैं, पर यहां तो एक सीएम ने गंदी राजनीति के लिए अपने पिता को कुर्बान कर दिया। एक उपयोगकर्ता ने ट्वीट किया, ‘काश! पुलिस आम बुजुर्गों के साथ भी इतनी ही नरमदिली से पेश आती।’ बता दें कि अपने पिता के ब्राह्मण विरोधी विरोधी बयान पर भूपेश बघेल ने कहा था, ‘एक पुत्र के रूप में मैं अपने पिताजी का सम्‍मान करता हूं, लेकिन एक मुख्‍यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी गलती को अनदेखा नहीं किया जा सकता जो सार्वजनिक व्‍यवस्‍था को बिगाड़ने वाली हो। हमारी सरकार में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, फिर चाहे वह मुख्‍यमंत्री के पिता ही क्‍यों न हो।’

क्‍या कहा था?
30 अगस्त को लखनऊ में एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान नंदकुमार बघेल ने कहा था, ‘अब वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा। हम यह आंदोलन करेंगे। ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा (रूस की एक नदी) भेजेंगे, क्योंकि वे विदेशी हैं। जिस तरह से अंग्रेज आए और चले गए। उसी तरह से ये ब्राह्मण या तो सुधर जाएं या फिर गंगा से वोल्गा जाने को तैयार रहें।’ इसके खिलाफ सर्व ब्राह्मण समाज की शिकायत पर नंद कुमार बघेल के खिलाफ रायपुर के डीडी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। उन पर भादंसं की धारा 505 के तहत समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने और धारा 153 ए के तहत सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला बयान देने का आरोप है। नंद कुमार बघेल को रायपुर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्‍हें 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
 

हिंदू विरोधी हरकतें
नंद कुमार बघेल ने 2001 में ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मार’ शीर्षक से एक किताब लिखी थी। उनका दावा था कि इस किताब में मनुस्मृति, वाल्मिकी रामायण, रामचरितमानस और पेरियार की सच्ची रामायण की नए नजरिए से व्याख्या की गई है। लेकिन किताब पर विवाद पैदा होने के बाद छत्‍तीसगढ़ की तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था। सरकार का कहना था कि इस किताब में हिंदू धर्म की मान्यताओं के विपरीत और समाज पर नकारात्मक असर डालने वाली सामग्री है। 17 साल मुकदमा लड़ने के बाद 2017 में छत्‍तीसगढ़ उच्‍च न्‍यायालय ने नंदकुमार बघेल द्वारा प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। नंदकुमार बघेल ने बीते कुछ साल से छत्तीसगढ़ के वनवासी गांवों में दुर्गा पूजा और रावण वध के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। वे वनवासियों से विजयादशमी के दिन रावण दहन नहीं करने की अपील करते हैं।

2019 में उन्होंने दशहरा पर एक कार्यक्रम में रावण को महान योद्धा और पूर्वज बताकर विजयादशमी को शोक दिवस करार दिया था। यही नहीं, 2019 में छत्‍तीसगढ़ सरकार की ‘राम वन गमन पथ’ योजना का भी विरोध किया था। इसके तहत भगवान श्रीराम वनवास काल में छत्तीसगढ़ के जिन 51 स्थानों से गुजरे थे, उनमें से नौ 9 स्थानों का विकास किया जाना था। लेकिन नंद कुमार बघेल के भड़काने पर वनवासी संगठन इस योजना के खिलाफ खड़े हो गए थे। नंद कुमार ने कहा था कि इस योजना से बहुजन, दलितों की संस्कृति पर ब्राह्मण संस्कृति थोपने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं, वे आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले का भी विरोध कर चुके हैं।

गिरफ्तारी तो नौटंकी है!
छत्‍तीसगढ़ भाजपा ने नंदकुमार बघेल की गिरफ्तारी को कांग्रेस की नौटंकी बताया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष चुनाव है। मुख्यमंत्री के पिता वहां गिरफ्तारी न हो जाए, इसलिए सरकार ने यह जाल बिछाया है। यह उनकी राजनीतिक नौटंकी है और सिर्फ वोट को साधने की राजनीति है। पिता-पुत्र समाज में वैमनस्यता फैलाने के उद्देश्य पर काम कर रहे हैं। बेटा कन्‍वर्जन को समर्थन दे रहा है और पिता बार-बार वर्ग विशेष पर टिप्पणी कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही नंद कुमार बघेल लगातार देश-धर्म-जातियों के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करते रहे हैं।