चंपावत में बन रहा विवेकानद स्मारक ध्यान केंद्र, स्वामी विवेकानंद ने किया था यहां प्रवास

    दिनांक 09-सितंबर-2021
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उत्तराखंड ब्यूरो

चंपावत जिले के दियूरी इलाके में राज्य सरकार स्वामी विवेकानंद स्मारक ध्यान केंद्र का निर्माण करवा रही है। यहां स्वामी विवेकानद मायावती आश्रम को देखने आए थे और लोक निर्माण के विश्राम गृह में रुके थे। टूटने की कगार पर आ गये विश्राम गृह को गिराकर अब ध्यान केंद्र बनाया जा रहा है
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चंपावत जिले के दियूरी इलाके में राज्य सरकार स्वामी विवेकानंद स्मारक ध्यान केंद्र का निर्माण करवा रही है। यहां स्वामी विवेकानद मायावती आश्रम को देखने आए थे और लोक निर्माण के विश्राम गृह में रुके थे। टूटने की कगार पर आ गये विश्राम गृह को गिराकर अब ध्यान केंद्र बनाया जा रहा है।

स्वामी विवेकानंद पेरिस से कोलकत्ता जब वापस आये तो, उन्हें पता चला कि मायावती आश्रम के संस्थापक अंग्रेज कैप्टन सेवियर का देहांत हो गया है। कैप्टन सेवियर श्री रामकृष्ण मिशन से जुड़े थे। स्वामी विवेकानंद इस खबर पर 17 जनवरी, 1901 को चंपावत पहुंचे और मायावती आश्रम जाकर सेवियर की पत्नी से, उनके पति की मृत्यु पर दुःख जताया। उसके बाद वे यहां दियूरी विश्राम गृह में कई दिन रुके। यहां ध्यान लगाया और अपने साथ आये सदस्यों के साथ अध्यात्म पर चर्चा की। इसके बाद वे वापस अपनी मिशन यात्रा पर लौट गए।

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रामकृष्ण मिशन में युगनायक विवेकानद पुस्तक में इस यात्रा का विस्तृत उल्लेख किया गया है।जिसके महत्व को समझते हुए राज्य की भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में विवेकानद की यात्राओं से जुड़े स्थानों को चिन्हित कर विकसित करने की योजना बनायी है। यह विश्राम गृह करीब 150 साल पुराना था और इसकी जर्जर हालत हो गयी थी। राज्य सरकार ने इसे गिराकर कुमाऊंनी शैली का ध्यान केंद्र स्थापित करने का कार्य शुरू करवा दिया है।