पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

विश्व

अफगानिस्तान: भारत तालिबान से बात करे तो हो सकती है अफगानिस्तान में शांति: राजदूत फरीद

WebdeskJul 16, 2021, 02:27 PM IST

अफगानिस्तान: भारत तालिबान से बात करे तो हो सकती है अफगानिस्तान में शांति: राजदूत फरीद

नई दिल्ली में अफगान राजदूत फरीद मामुंदजई  (फाइल चित्र)


नई दिल्ली में अफगानी राजदूत की भारत से मदद की गुहार अंतरराष्ट्रीय समीकरणों में भारत की बढ़ती महत्ता को रेखांकित करती है

अफगानिस्तान में लगातार गंभीर हो रही परिस्थितियों के बीच नई दिल्ली में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुंदजई ने यह कहकर भूराजनीतिक समीकरणों में एक नया आयाम जोड़ दिया है कि संकट की इस घड़ी में भारत की मदद चाहिए। उन्होंने भारत से अपील की है कि वह तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करे। ऐसा होने पर ही अफगानिस्तान में स्थितियां काबू में आएंगी।

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सेनाओं की जैसे जैसे वापसी हो रही है, वैसे वैसे तालिबान लड़ाके फिर से गांवों और शहरों पर कब्जे करते जा रहे हैं। तालिबान के प्रवक्ता की मानें तो उन्होंने 85 प्रतिशत इलाकों पर कब्जा जमा लिया है, हालांकि विश्लेषक इसे गलत बताते हैं। कंधार, गजनी, तुरबक जैसे प्रमुख शहरों में अफगान बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच जबरदस्त जंग छिड़ी है।

इन परिस्थितियों में भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ने अगर यह कहा है कि उनका देश एक गंभीर सुरक्षा चुनौती का सामना कर रहा है, तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं है। एक चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें भारत की मदद चाहिए। फरीद मामुंदजई ने कहा कि भारत को तालिबान को बातचीत की मेज पर लाना चाहिए जिससे कि अफगानिस्तान में तेजी से बेकाबू होते हालात को संभाला जा सके।

अफगानी राजदूत ने आगे कहा कि आज के जैसे हालात बने हैं उसमें भारत की मदद बहुत मायने रखती है। अफगानिस्तान के विकास में भारत लंबे समय से हर तरह की मदद उपलब्ध कराता आ रहा है। इसलिए फरीद जानते हैं कि अफगान की जनता भारत की सहृदयता से परिचित है। वहां के नेताओं के भारतीय नेतृत्व से गहरे संबंध हैं। इसलिए भी फरीद चाहते हैं कि आज भारत एक बार फिर उनकी मदद करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें अमेरिका खुफिया एजेंसियों की यह टिप्पणी बिल्कुल स्वीकार नहीं है कि सिर्फ पांच महीनों में अफगान सरकार ढह जाएगी।


अफगानी राजदूत फरीद ने कहा कि आज के जैसे हालात बने हैं उसमें भारत की मदद बहुत मायने रखती है। अफगानिस्तान के विकास में भारत लंबे समय से हर तरह की मदद उपलब्ध कराता आ रहा है। इसलिए फरीद जानते हैं कि अफगान की जनता भारत की सहृदयता से परिचित है। वहां के नेताओं के भारतीय नेतृत्व से गहरे संबंध हैं।

 

कमजोर हुआ अफगान बलों का हौसला!

फरीद मामुंदजई ने श्ह बात स्वीकारी है कि अमेरिकी सेना की वापसी से अफगान बलों का हौसला कमजोर हुआ है। राजदूत फरीद का कहना है कि अमेरिकी सेना बिना तय योजना के अजीब तरह से वापसी कर रही है जिससे अफगानी सेना के हौसले को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि तालिबान के पास बेहतरीन सैन्य तकनीकी है, लेकिन फिर भी अफगान सेनाओं ने उन्हें 34 बड़े शहरों पर कब्जा नहीं करने दिया है।

तालिबान और दोहा वार्ता

अफगानी राजदूत फरीद का यह भी कहना है कि तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करने में पाकिस्तान भी भूमिका निभा सकता है और चीन भी इस ओर कोशिश कर सकता है। तालिबान ने दोहा में जो कहा था उस पर वे टिके नहीं हैं। वे तो बस वक्त आगे सरका रहे हैं। उनके अनुसार, अफगानिस्तान के कूटनीतिक ईरान की राजधानी तेहरान में एक बार फिर से तालिबान से भेंट करने वाले हैं।

राजदूत फरीद मानते हैं कि अगर तालिबान अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा करने में कामयाब हुए तो आधुनिक अफगानिस्तान को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। अफगानिस्तान संसद में कुल सांसदों में से एक चौथाई महिलाएं हैं। वहां महिलाएं कैबिनेट मंत्री तक के ओहदे पर बैठी हैं। उन्होंने भारत के नजरिए से एक चिंताजनक बात यह बताई कि अफगानिस्तान के जिन क्षेत्रों में भारत ने निवेश किया है, उन्हें तालिबान ध्वस्त कर रहा है। खबर है कि भारत-अफगानिस्तान मैत्री के प्रतीक सलमा बांध पर तालिबानियों ने हमला बोला है।
Follow Us on Telegram

 

 

 

Comments
user profile image
Anonymous
on Jul 17 2021 12:08:51

अब समय है कि पूरी दुनिया को मिलकर आतंकवादियों और उनके सरगनाओं पर हमला करके उनका खात्मा करना चाहिए, जिससे कि दुनिया में शांति कायम हो पाए

Also read: बांग्लादेश : चरम पर हिन्दू दमन ..

kashmir में हिंदुओं पर हमले के पीछे ISI कनेक्शन आया सामने | Panchjanya Hindi

kashmir में हिंदुओं पर हमले के पीछे ISI कनेक्शन आया सामने | Panchjanya Hindi

Also read: लगातार बनाया जा रहा है निशाना ..

अफवाह की आड़ मेंं हिंदुओं पर आफत
नेपाल के साथ बढ़ेगा संपर्क, भारत ने तैयार की बिहार के जयनगर से नेपाल के कुर्था तक की रेल लाइन

'अफगानिस्तान को नहीं निगल सकता पाकिस्तान', पूर्व राष्ट्रपति सालेह ने तालिबान के दोस्त पाकिस्तान को लगाई लताड़

सालेह ने नई पोस्ट में साफ कहा है कि उन्हें तालिबान की गुलामी स्वीकार नहीं है। याद रहे, सालेह काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान छोड़ने के बजाय पंजशीर घाटी चले गए थे अमरुल्लाह सालेह ने 49 दिन बाद एक बार किसी अनजान जगह से सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को खूब खरी—खोटी सुनाई है। उल्लेखनीय है कि पंजशीर घाटी पर तालिबान के कब्जे की पाकिस्तान के दुष्प्रचार तंत्र ने खूब खबरें उड़ाई थीं। उसी दौरान अफगानिस्तान के अपदस्थ उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने वीडियो जारी किया था और साफ बताया था क ...

'अफगानिस्तान को नहीं निगल सकता पाकिस्तान', पूर्व राष्ट्रपति सालेह ने तालिबान के दोस्त पाकिस्तान को लगाई लताड़