केशवरामकाशीराम शास्त्री

धर्म समर्पित जीवन

-उर्वा अध्वर्युं

केशवराम काशीराम शास्त्री



अभिनन्दन समारोह में (बाएं से) श्री नरेन्द्र मोदी, श्री के.का. शास्त्री व श्री लालकृष्ण आडवाणी





भारत मार्तंड, विद्यावाचस्पति, पद्मश्री, महामहिमोपाध्याय, भाषाभास्कर, विद्यासागर, धर्मभास्कर, गुर्जररत्न आदि कितने ही विशेषण श्री के. का. शास्त्री (केशवराम काशीराम बांभणिया) के नाम के साथ जुड़े हैं। वे हैं भी विलक्षण। श्री शास्त्री ने गत 28 जुलाई, 2004 को अपने जीवन के सौवें वर्ष में प्रवेश किया था। श्री के.का. शास्त्री प्राध्यापक, विद्वान, अनुसंधानात्मक कोश-रचयिता, चरित्र लेखक, नाटलेखक, संपादक, अनुवादक, भाषाशास्त्री, साहित्यकार, प्रवचनकार, पुरातत्वविद्, धर्मप्रचारक, समाज सुधारक और तत्वचिंतक भी हैं। 17 उपाधियों, 10 पुरस्कारों एवं 39 मानपत्रों से विभूषित हैं। 240 ग्रंथों के रचयिता श्री शास्त्री विश्व हिन्दू परिषद्, गुजरात के अध्यक्ष भी हैं। सन् 1968 में विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना के समय श्री क.मा. मुंशी प्रभृत्त विभूतियों के साथ श्री के.का. शास्त्री का सहयोग भी मिला था। ऐसे महापुरुष के जीवन के सौवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् तथा गुजरात सरकार ने अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए थे।

27 जुलाई को विश्व हिन्दू परिषद्, गुजरात द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री गिरिराज किशोर ने कहा, "श्री शास्त्री को सम्मानित करना एक सम्पूर्ण विचारधारा को सम्मानित करने जैसा है।" जयपुर की पंचखण्ड पीठ के पीठाधीश्वर और लम्बे समय से परिषद् से जुड़े आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा कि श्री शास्त्री का सम्मान देश की महर्षि संस्कृति का सम्मान है। इस अवसर पर श्री के.का. शास्त्री ने कहा कि हिन्दुत्व को मजबूत बनाना होगा तभी देश का विकास होगा। समारोह में भारतीय संस्कृति के अनुसार विश्व हिन्दू परिषद् के प्रदेश महामंत्री श्री दिलीप भाई और श्री जयदीप पटेल ने श्री शास्त्री के चरण धोए।

श्री के.का. शास्त्री के 100 वें जन्मदिवस 28 जुलाई, 2004 की शाम गुजरात सरकार द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में निवर्तमान उपप्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी उपस्थित थे। श्री शास्त्री का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुजरात के महापुरुष श्री के.का. शास्त्री के अभिनन्दन के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य दलों के लोग उपस्थित नहीं हैं। ऐसे संस्कृति-पुरुष को भुलाने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगा।" उन्होंने श्री शास्त्री को तपोनिष्ठ और सात्विकता से परिपूर्ण कविश्वर बताया।

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य सरकार की ओर से पुष्पहार पहनाकर शास्त्री जी का सम्मान किया और उन्हें एक लाख रु. की राशि का चेक प्रदान किया। श्री मोदी ने कहा, "श्री के.का. शास्त्री इतिहास की एक कड़ी हैं। गुजरात की संस्कृति के शिखर पुरुष के जीवन के 100 वें वर्ष में प्रवेश पर सरकार संस्कृति पुरुष का अभिनंदन कर स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रही है। उनकी जीवनगाथा से लोगों को प्रेरणा प्राप्त हो इसलिए वर्ष पर्यन्त राज्य में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में श्री आडवाणी व श्री मोदी द्वारा उनकी लिखी पुस्तकों-चाणक्य सूत्र, रत्नावाली व अन्य ग्रंथों का लोकार्पण भी किया गया।

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