पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

चर्चित आलेख

एल्गार परिषद प्रकरण : देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप

WebdeskAug 24, 2021, 12:00 AM IST

एल्गार परिषद प्रकरण : देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप


एनआईए ने एल्गार परिषद मामले में 15 आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र का मसौदा दायर कर दिया है। इन आरोपियों को देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने समेत 16 अपराधों में गिरफ्तार करने का प्रस्ताव किया गया है



राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एल्गार परिषद मामले में आरोपपत्र का मसौदा इस माह की शुरुआत में विशेष न्यायालय में दायर कर दिया है। मसौदे में गिरफ्तार 15 लोगों को देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने सहित 16 अपराधों के मामले में गिरफ्तार करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें अधिकतम मौत की सजा है। एनआईए ने कहा है कि आरोपियों ने एक पब्लिक फिगर को मारने के लिए परिष्कृत हथियारों को हासिल करने की साजिश रची थी।

हिंसा, अस्थिरता फैलाने का था उद्देश्य

एनआईए ने आरोप लगाया है कि 15 आरोपी प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सदस्य हैं और 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद कार्यक्रम दलितों और अन्य समुदायों की भावनाओं को भड़काने और भीमा कोरेगांव सहित महाराष्ट्र में कई जगहों पर हिंसा, अस्थिरता के साथ पुणे जिले में अफरातफरी फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। मसौदे के अनुसार आरोपियों ने ‘वार्षिक तौर पर एम-4 (परिष्कृत हथियार) की सप्लाई’ के लिए 8 करोड़ रुपया जुटाने की भी साजिश रची थी और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए देश भर के विश्वविद्यालयों से छात्रों को अपने साथ जोड़ा था।

इन पर हैं आरोप

हालांकि आरोपियों पर जहां 16 सामान्य धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं उन पर अन्य धाराओं के तहत अलग-अलग आरोप भी लगाए गए हैं. जैसे एकडेमिशियन आनंद तेलतुम्बडे पर सबूत नष्ट करने से संबंधित एक धारा के तहत आरोप लगाया गया है। एनआईए ने जिन अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाए हैं; उनमें सुधीर धवले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गॉडलिंग, शोमा सेन, महेश राऊत, पी. वरवरा राव, वर्नोन गोंजाल्वेज, अरुण फेरिरा, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, हैनी बाबू, रमेश गायचोर, ज्योति जगताप और सुरेंद्र गोरखे भी शामिल हैं। मसौदे में फादर स्टैन स्वामी का भी जिक्र है, हालांकि पिछले महीने मौत के बाद उनके खिलाफ मामला रोक दिया गया है। इसके अलावा मामले में अन्य लोगों का जिक्र है, जिन्हें फरार करार दिया गया है।

Comments

Also read: प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे की तैयारी, 400 करोड़ की योजनाओं का होगा लोकार्पण ..

Osmanabad Maharashtra- आक्रांता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से क्यों भड़के कट्टरपंथी

#Osmanabad
#Maharashtra
#Aurangzeb
आक्रांता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से क्यों भड़के कट्टरपंथी

Also read: कांग्रेस विधायक का बेटा गिरफ्तार, 6 माह से बलात्‍कार मामले में फरार था ..

केरल में नॉन-हलाल रेस्तरां चलाने वाली महिला को इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बेरहमी से पीटा
रवि करता था मुस्लिम लड़की से प्यार, मामा और भाई ने उतारा मौत के घाट

कथित किसानों का गुंडाराज

  कथित किसान आंदोलन स्थल सिंघु बॉर्डर पर जिस नृशंसता के साथ लखबीर सिंह की हत्या की गई, उससे कई सवाल उपजते हैं। यह घटना पुलिस तंत्र की विफलता पर सवाल तो उठाती ही है, लोकतंत्र की मूल भावना पर भी चोट करती है कि क्या फैसले इस तरीके से होंगे? किसान मोर्चा भले इससे अपना पल्ला झाड़ रहा हो परंतु वह अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकता। मृतक लखबीर अनुसूचित जाति से था परंतु  विपक्ष की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है रवि पाराशर शहीद ऊधम सिंह पर बनी फिल्म को लेकर देश में उनके अप्रतिम शौर्य के जज्बे ...

कथित किसानों का गुंडाराज