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पाञ्चजन्य की हीरक जयंती पर मा. कृष्णगोपाल जी का उद्बोधन

Webdesk

WebdeskJan 15, 2022, 04:50 PM IST

पाञ्चजन्य  की हीरक जयंती पर मा. कृष्णगोपाल जी का उद्बोधन
पांचजन्य

राष्ट्रीय चेतना का अग्रदूत और राष्ट्रीय विमर्श को आकार देता पाञ्चजन्य 75वें वर्ष में आज प्रवेश कर गया है। वर्ष 1948 में मकर संक्रांति के दिन पाञ्चजन्य की स्थापना हुई थी। 1948 में पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा स्थापित, श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्पादन में इसका आरंभ हुआ था। राष्ट्रीय विमर्श को आकार देता देश का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित हिंदी साप्ताहिक है पाञ्चजन्य। अपनी इस यात्रा में विभिन्न मुद्दों को मंच दिया। हीरक जयंती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी  का उद्बोधन।

सरकार चाहे किसी भी राजनीतिक दल की हो, पाञ्चजन्य ने हमेशा आवाज मुखर रखी। पाञ्चजन्य की हीरक जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी  का उद्बोधन आज सायं 5 बजे से होगा। पंजीकरण एवं पाञ्चजन्य से जुड़ने के लिए लिंक है : 

https://event.webinarjam.com/channel/75-years-panchjanya

Live रूम में शामिल होने के लिए समय से इस लिंक पर क्लिक करें https://event.webinarjam.com/channel/Live-with-panchjanya


 

Comments
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Anonymous
on Jan 15 2022 22:05:00

भारत की आवाज को जन जन तक पहुंचाना है तो पाञ्चजन्य को पढ़ना शुरू कर देना होगा।

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Anonymous
on Jan 15 2022 17:54:33

सादर प्रणाम। पाञ्चजन्य की यह यात्रा सचमुच अतुल्यनीय है।🙏🏻

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Anonymous
on Jan 15 2022 17:28:15

पांचजन्य एक राष्ट्रीय विचारधारा का एक गंगोत्री है।शब्द और भाषा शैली उच्च कोटि के संरचना पाठकों के लिए आकर्षण रहता है।इसलिए मेरा एक प्राध्यापक बंधु स्वयं अंग्रेजी के प्राध्यापक होते हुए उन्हें पांचजन्य का लेख प्रति लगाव था । हीरक जयंती पर शुभकामनाएं।।पुस्तम सुनानी

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