पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

चर्चित आलेख

उर्दू सिखाने के लिए दिल्ली के हर विधानसभा में केंद्र खोले जाएंगे

WebdeskSep 14, 2021, 01:35 PM IST

उर्दू सिखाने के लिए दिल्ली के हर विधानसभा में केंद्र खोले जाएंगे


दिल्ली सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए एक और काम करने जा रही है। बताया जा रहा है कि उर्दू सिखाने के लिए दिल्ली के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक केंद्र खोला जाएगा। यानी पूरी दिल्ली में 70 उर्दू केंद्र खोलेे जाएंगे। इससे पहले भी मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए दिल्ली सरकार ने अनेक निर्णय लिए हैं। जैसे मस्जिदों मेंं नमाज पढ़ाने वाले इमामों को वेतन देना, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को मुफ्त में बिजली और पानी देना आदि।


—वेब डेस्क

गत दिनों उर्दू अकादमी, दिल्ली के सभागार में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें अकादमी के उपाध्यक्ष हाजी ताज मोहम्मद ने कहा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की इच्छा है कि दिल्ली के हर विधानसभा क्षेत्र में अधिक से अधिक उर्दू सिखाने के लिए केंद्र खोले जाएं। यदि 500 केंद्र भी खोलने पड़े तो भी खोले जाएं। हाजी ताज मोहम्मद ने यह भी कहा कि उर्दू अकादमी दिल्ली में कर्मचारियों की कमी है, उसे भी दूर किया जाए और जो लोग लंबे समय से अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं, उनके मामलों पर गौर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हालात सही होते ही उर्दू अकादमी के नियमित कार्यक्रम जैसे नए पुराने चिराग़, सेमिनार और मुशायरे इत्यादि करने की अनुमति दी जाए।

कार्यक्रम की अतिथि और मनीष सिसोदिया की ओएसडी अभिनंदिता माथुर ने कहा कि उर्दू हमारी तहज़ीब का हिस्सा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में उर्दू को बढ़ावा देने के लिए बहुत से काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मनीष सिसोदिया ने कहा है आप लोग एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाएं और उन्हें भी उस ग्रुप में शामिल करें, ताकि उर्दू के कार्यक्रमों की सारी जानकारी सबके पास पहुंच सके।

कह सकते हैं कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी अन्य सेकुलर नेताओं की तरह ही मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति पूरी तरह कर रहे हैं। दूसरी ओर भोले—भाले हिंदू इसी बात में खुश हैं कि हर महीने पानी और बिजली में 200—400 रु. तक की बचत हो रही है। इसलिए हिंदू समाज केजरीवाल से यह नहीं पूछता है कि जब मस्जिदों के इमामों को वेतन दिया जा रहा है, तो मंदिरों के पुजारियों को वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है! जब उर्दू सिखाने के लिए केंद्र खोले जा सकते हैं, तो हिंदी और संस्कृत सिखाने के लिए केंद्र क्यों नहीं होने चाहिएं!

 
 

Comments
user profile image
Anonymous
on Sep 16 2021 16:47:01

kejriwal ki ghatiya rajneeti

user profile image
Anonymous
on Sep 15 2021 19:17:59

शायद नोएडा में फिल्म सिटी बनने वाली है इसी की शायद यह तैयारी है आप संस्कृत और हिंदी को कमाई से जोड़िए है और उसको भी सिखाने की केंद्र खोलिए किसने रोक रखा है

user profile image
Anonymous
on Sep 15 2021 19:17:01

दिल्ली में राजनीति में कंपटीशन का दौरा चुका है बीजेपी भी कंपटीशन में उतरे जनता को लुभावने वादे करें डिस्काउंट वाली सरकार के आगे डिस्काउंट का फार्मूला चलेगा भाई और दिल्ली दंगों में जो जो दोषी है चाहे वह मंत्री हो या उसका रिश्तेदार है कड़ी कार्यवाही करके दिल्ली को बचाएं

Also read: उत्तराखंड आपदा ने दस ट्रैकर्स की ली जान, 25 लोग अब भी लापता ..

kashmir में हिंदुओं पर हमले के पीछे ISI कनेक्शन आया सामने | Panchjanya Hindi

kashmir में हिंदुओं पर हमले के पीछे ISI कनेक्शन आया सामने | Panchjanya Hindi

Also read: तालिबान प्रवक्ता ने कहा, भारत करेगा अफगानिस्तान में मानवीय सहायता के काम ..

मजहबी दंगे भड़काने में कट्टर जमाते-इस्लामी का हाथ, उन्मादी नेता ने उगला सच
रावण क्यों जलाया, अब तुम लोगों की खैर नहीं

उत्तराखंड में बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुस्लिम कॉलोनी के विज्ञापन पर शुरू हुई जांच

बरेली, रामपुर, मुरादाबाद में प्रचार करके बेचे जा रहे हैं प्लॉट। पूर्व सांसद बलराज पासी ने कहा विरोध होगा उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में उत्तर प्रदेश के बरेली रामपुर जिलो के बॉर्डर पर सुनियोजित ढंग से एक साजिश के तहत मुस्लिम आबादी को बसाया जा रहा है। मुस्लिम कॉलोनी का प्रचार करके प्लॉट बेचे जा रहे हैं। मामले सामने आने पर जिला विकास प्राधिकरण ने जांच शुरू कर दी है। पिछले कुछ समय से उत्तराखंड राज्य में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ने के आंकड़े आ रहे हैं। असम के बाद उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जहां ...

उत्तराखंड में बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुस्लिम कॉलोनी के विज्ञापन पर शुरू हुई जांच