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राज्य

झारखंड सरकार ने विपक्ष का मुंह बंद कराने के लिए लिया मुकदमों का सहारा

रितेश कश्यप

रितेश कश्यपOct 27, 2021, 01:13 PM IST

झारखंड सरकार ने विपक्ष का मुंह बंद कराने के लिए लिया मुकदमों का सहारा
सांसद निशिकांत दुबे

इन दिनों झारखंड में सरकार के विरोध में बात करने वालों पर मुकदमा दर्ज हो रहे हैं। आम आदमी तो छोड़िए, कई विधायकों और सांसदों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।



गत 26 अक्तूबर को गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के विरुद्ध पांच मुकदमे दर्ज कराए गए। ये सभी मामले 8—15 अप्रैल,2021 के बीच के हैं। ये सभी मधुपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि उन दिनों दुबे ने देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की कार्यशैली पर सावल उठाते हुए उन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। उन्हीं को आधार बनाते हुए उपायुक्त ने नगर थाना, देवीपुर थाना, बुढैई थाना, मधुपुर थाना व चितरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

इस आरोप की जांच करने के बाद चुनाव आयोग ने मंजूनाथ भजंत्री को हटाकर नैंसी सहया को देवघर का उपायुक्त बना दिया था। कहा जा रहा है कि इन्हीं बातों से नाराज होकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने दुबे पर 6 महीने बीतने के बाद मुकदमा दर्ज कराया है। यह भी कहा जा रहा है कि इसके पीछे झारखंड सरकार है। ठीक ऐसी ही बात निशिकांत दुबे भी कह रहे हैं। उन्होंने इस प्रतिनिधि से बातचीत में कहा है कि झारखंड सरकार विपक्ष की आवाज को पूरी तरह से दबा देना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान झारखंड सरकार मिशनरियों के इशारे पर काम कर रही है। इसीलिए भाजपा के कई नेताओं पर लगातार मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक ट्वीट भी किया है, जिसमें लिखा है, "सभी कार्यकर्ता शांति बनाए रखें। जितने केस मुकदमे हों, उतनी ही खुशी मनाइए। देवघर के डीसी बाल सुलभ हरकत करते हैं।''

इनसे पहले भी झारखंड में कई भाजपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री और इस समय नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी पर भी बदले की राजनीति के तहत मामला दर्ज कराया गया था। तिवारी इन दिनों जमानत पर हैं।

ऐसा ही एक मामला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और कांके के विधायक समरी लाल के साथ भी हुआ था। दीपक प्रकाश अपने समर्थकों के साथ किसानों के मुद्दे पर 18 जून को कांके थाने के सुकुरहुट्टू गांव में प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद दीपक प्रकाश और समरी लाल सहित 70 लोगों पर कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया था। उस वक्त भी भाजपा नेताओं ने किसानों के इस आंदोलन को सरकार द्वारा कुचलने का आरोप लगाया था।

दीपक प्रकाश ने कहा है कि फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर राज्य सरकार विप़क्ष की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। सरकार भ्रम से बाहर आए और जनता की समस्याओं को दूर करे।
 

Comments
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Anonymous
on Oct 27 2021 13:25:11

कांग्रेस वाली भूपेश सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ की हालत झारखंड के जैसी हो गई है कोई बचा लो

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