पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

चर्चित आलेख

कैराना से हिंदुओं को पलायन पर मजबूर करने वाले फुरकान को 10 साल की कैद

कैराना से हिंदुओं को पलायन पर मजबूर करने वाले फुरकान को 10 साल की कैद
फुरकान

वर्ष 2014 में कैराना नगर के मुख्य चौक बाजार में दिनदहाड़े अपनी किराना की दुकान पर बैठे व्यापारी नेता विनोद सिंघल की रंगदारी नहीं देने पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।

 

उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के चर्चित कैराना पलायन के गुनाहगार फुरकान को मादक पदार्थों की तस्करी में अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। बदमाश फुरकान का नाम साल 2014 में व्यापारी हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया था।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि कैराना कोतवाली पुलिस ने 25 फरवरी 2019 को कांधला तिराहे से फुरकान को 10 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया था। कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय)/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के यहां इस मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायालय के समक्ष 4 गवाह पेश किए गए। गुरुवार को न्यायाधीश सुबोध कुमार ने फुरकान को दोषी ठहराया। इसके बाद उसे 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट परिसर में डीएम जसजीत कौर व एसपी सुकीर्ति माधव मौजूद थे।

एसपी सुकीर्ति माधव के निर्देशन में इस मामले में पुलिस एवं अधिवक्ताओं के बीच सामंजस्य बनाकर कोर्ट के सामने पुख्ता साक्ष्य पेश किए। एसपी ने पुलिस अफसरों को कानून के हर पक्ष पर मजबूती से अकाट्य साक्ष्यों के साथ मजबूत पैरवी के निर्देश दिए थे। इसके अलावा वह इस मामले की खुद भी निगरानी कर रहे थे।

गौरतलब है कि वर्ष 2014 में कैराना नगर के मुख्य चौक बाजार में दिनदहाड़े अपनी किराना की दुकान पर बैठे व्यापारी नेता विनोद सिंघल की रंगदारी नहीं देने पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। नगर निवासी फुरकान पर हत्या का आरोप लगा था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद फुरकान ने फिर से व्यापारियों से रंगदारी मांगकर अपनी दहशत फैला दी थी। कई और आपराधिक मुकदमे उस पर दर्ज हुए थे। इसके चलते डीजीपी ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 8 अप्रैल 2017 को पुलिस ने कांधला थाना क्षेत्र के गांव आल्दी के जंगलों में हुई मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में फुरकान को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ समय बाद फुरकान फिर से जमानत पर जेल से छूट गया था। इसके बाद 2019 में उसे मादक पदार्थ के साथ पकड़े जाने पर जेल भेजा गया था। 8 नवंबर 2021 को कैराना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद फुरकान गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत तुड़वाकर कोर्ट में पेश हुआ था।
 

( इनपुट सिंडिकेट फीड )

Comments
user profile image
Anonymous
on Jan 14 2022 07:02:37

furkan momin ko uda dena tha, kyo khana khila rahe ho? madarchod allah bhookha hai momin ke liye kyonki, slow roasted momin allah ki pahli pasand hai, tender and roasted.

Also read:‘‘अयोध्या को उसकी पहचान दिलाने के लिए कृतसंकल्पित हूं’’ -योगी आदित्यनाथ ..

मा. कृष्णगोपाल जी का उद्बोधन

मा. कृष्णगोपाल जी का उद्बोधन

Also read:‘आजादी के बाद शासकों ने बड़ी भूलें की हैं’- जगद्गुुरु शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्व ..

‘‘भेद-रहित समाज का निर्माण होने वाला है’’- मोहनराव भागवत
सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला प्रमुख पत्र

भारत में जनतंत्र

पाञ्चजन्य ने हमेशा पत्रिका को लोकतंत्र का मंच बनाए रखने का यत्न किया। इसमें सभी विचारों को स्थान मिलता रहा। इस क्रम में कांग्रेसी, राष्ट्रवादी, समाजवादी, वामपंथी सभी विचारकों के आलेखों को पाञ्चजन्य ने प्रकाशित किया। श्री मानवेन्द्रनाथ राय (1887-1954) भारत के स्वतंत्रता-संग्राम के क्रान्तिकारी तथा विश्वप्रसिद्ध राजनीतिक सिद्धान्तकार थे। उनका मूल नाम ‘नरेन्द्रनाथ भट्टाचार्य’ था। वे मेक्सिको और भारत दोनों की कम्युनिस्ट पार्टियों के संस्थापक थे। वे कम्युनिस्ट इंटरनेशनल के कांग्रेस के प्र ...

भारत में जनतंत्र