पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

राज्य

कैप्टन के हाथों चन्नी की कांग्रेस सरकार चारों खाने चित्त

राकेश सैन

राकेश सैनNov 26, 2021, 03:07 PM IST

कैप्टन के हाथों चन्नी की कांग्रेस सरकार चारों खाने चित्त
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एवं कैप्टन अमरिंदर सिंह

पूरी ताकत झोंक कर भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थक को पटियाला निगम से नहीं हटा पाई पंजाब सरकार। 60 पार्षदों वाले पटियाला नगर निगम में मेयर को हटाने के लिए कांग्रेस को 42 वोटों को आवश्यकता थी, लेकिन वह अपने समर्थन में 36 वोट ही हासिल कर पाई। 25 वोट बिट्टू के हक में गए। सिद्धू भी निरन्तर बढ़ा रहे हैं परेशानी। 

 


विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को पटियाला में अपने ही पूर्व कप्तान के हाथों करारी पराजय झेलनी पड़ी है। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू नितदिन पार्टी की परेशानी और बढ़ा रहे हैं। यह दोनों ही घटनाएं कांग्रेस पार्टी के लिए आने वाले समय में मुसीबत खड़ी कर सकती हैं। सिद्धू ने मोगा के बाघापुराना में रैली के दौरान घोषणा कर दी कि अगर सरकार एसटीएफ की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करती है तो वह मरणव्रत पर बैठेंगे। वहीं, कांग्रेस सरकार एड़ी चोटी का जोर लगाने के बावजूद कैप्टन अमरिन्दर सिंह के समर्थक पटियाला के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं करवा पाई।


पटियाला में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने हक में 25 पार्षदों को खड़ा कर न सिर्फ नगर निगम में कांग्रेस को दो फाड़ कर दिया, बल्कि यह भी संकेत दे दिए कि वह अभी भी राजनीति के कैप्टन हैं। कांग्रेस पिछले लंबे समय से कैप्टन अमरिन्दर सिंह के गृहनगर पटियाला में कैप्टन समर्थक मेयर को हटाने के लिए जोर लगा रही थी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी यहां पर बैठक कर चुके थे, जबकि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पटियाला का दौरा किया था।


कांग्रेस ने पार्टी पार्षदों को संकेत देने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी व पटियाला की सांसद परनीत कौर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इसके बावजूद मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को पद से हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाई। 60 पार्षदों वाले पटियाला नगर निगम में मेयर को हटाने के लिए कांग्रेस को 42 वोटों को आवश्यकता थी लेकिन वह अपने समर्थन में 36 वोट ही हासिल कर पाई। 25 वोट बिट्टू के हक में गए।

 

स्टेज से सिद्धू ने मुख्यमंत्री को चन्नी कह कर संबोधित किया। उन्होंने कहा, चन्नी कहकर गया है कि पार्टी सुप्रीम होती है। सरकार पार्टी के निर्देशानुसार चलती है। मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं, सरकार को एसटीएफ की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, नहीं तो मैं मरणव्रत पर बैठ जाऊंगा। सिद्धू ने मुख्यमंत्री के नाम के आगे आदरसूचक शब्द न लगाकर साफ कर दिया कि सीएम के प्रति उनका क्या नजरिया है। सिद्धू मरणव्रत बैठते हैं तो 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की परेशानी बढऩी तय है।


बता दें कि पटियाला नगर निगम में तीन विधायक भी वोट कर सकते हैं। इनमें कैप्टन अमरिंदर सिंह, ब्रह्म मोहिंदरा और हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा शामिल हैं। कांग्रेस का जोर मेयर को हटाने के लिए लगा हुआ था। इसे कैप्टन की जीत और कांग्रेस की हार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने बाद में बिट्टू को सस्पेंड जरूर कर दिया।


वहीं, चन्नी सरकार की रही सही कसर मोगा के बाघापुराना में नवजोत सिंह सिद्धू ने पूरी कर दी। सिद्धू ने सरकार को यह धमकी दे दी कि अगर ड्रग्स मामले में एसटीएफ द्वारा की गई जांच रिपोर्ट सरकार सार्वजनिक नहीं करती है तो वह मरणव्रत पर बैठेंगे। कांग्रेस की परेशानी यह भी है कि पहले भी सिद्धू ने एजी और डीजीपी को हटाने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे कांग्रेस की खासी किरकिरी हुई थी। ऐसे में अगर सिद्धू भूख हड़ताल पर बैठ गए तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है।


अहम बात यह है कि इसी स्टेज से सिद्धू ने मुख्यमंत्री को चन्नी कह कर संबोधित किया। उन्होंने कहा, चन्नी कहकर गया है कि पार्टी सुप्रीम होती है। सरकार पार्टी के निर्देशानुसार चलती है। मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं, सरकार को एसटीएफ की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, नहीं तो मैं मरणव्रत पर बैठ जाऊंगा। सिद्धू ने मुख्यमंत्री के नाम के आगे आदरसूचक शब्द न लगाकर साफ कर दिया कि सीएम के प्रति उनका क्या नजरिया है। सिद्धू मरणव्रत बैठते हैं तो 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की परेशानी बढऩी तय है। 

Comments

Also read:मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त रहना चाहिए: चंपत राय ..

UPElection2022 - यूपी की जनता का क्या है राजनीतिक मूड? Panchjanya की टीम ने जनता से की बातचीत सुनिए

up election 2022 क्या कहती है लखनऊ की जनता ? आप भी सुनिए जानिए
up election 2022 opinion poll
UP Assembly election 2022

up election 2022
up election 2022 opinion poll
UP Assembly election 2022

Also read:आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा, 75 करोड़ लोग करेंगे सूर्य नमस्कार ..

अमेठी में बनेगी AK-203 असॉल्ट राइफल
कांग्रेस में टुकड़े-टुकड़े गैंग की जुटने लगी जमात, आतंकी भिंडरावाला का प्रशंसक सिद्धू मूसेवाल कांग्रेस में शामिल

भटकी हुई मांगें, बेपटरी आंदोलन

आंदोलन का विरोध कर रही कांग्रेस ईमानदारी से आकलन करे कि उसके इतने लंबे शासन के बावजूद अन्नदाता की ऐसी स्थिति क्यों बनी रही ? किसान क्यों कर्ज के जाल में फंसे रहे? क्यों आत्महत्या करते रहे? राजनीतिक बिरादरी की स्मरणशक्ति भले कमजोर हो, अवसरवादी हो, पलायनवादी हो, पर जनता सबका लेखाजोखा रखती है। वह जानती है कि कौन उसके असली हितैषी हैं और कौन नकली।  अभिषेक कुमार लोकतंत्र में हठधर्मिता के लिए कोई स्थान नहीं होता और ऐसा होना भी नहीं चाहिए। जड़ता एवं टकराव लोकतंत्र की प्रकृति-प्रवृत्ति नहीं होत ...

भटकी हुई मांगें, बेपटरी आंदोलन