पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

संघ

आपदा के बाद राहत कार्य में लगे स्वयंसेवक, दो हजार घरों तक पहुंचायी मदद

आपदा के बाद राहत कार्य में लगे स्वयंसेवक, दो हजार घरों तक पहुंचायी मदद
आपदा प्रभावित उधम सिंह नगर जिले में संघ के स्वयंसेवक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपदा प्रभावित लोगों के घरों तक भोजन, जरूरी बर्तन, राशन और कपड़े पहुंचाए।


उत्तराखंडमें आफत की बारिश के बाद तराई के जिले उधम सिंह नगर में आई बाढ़ की वजह से करीब छह हजार घरों में पानी भर गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपदा प्रभावित लोगों के घरों तक भोजन, जरूरी बर्तन, राशन और कपड़े पहुंचाए। रुद्रपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रो में आयी बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं। घरों में इतना पानी और मलबा भर गया कि लोगों को नाव और स्टीमर की मदद से सुरक्षित स्थानों तक लाया गया। इन परिवारों की झोपड़ियां, बर्तन, कपड़े, राशन सबकुछ बह गया।

जिला प्रशासन ने इन बाढ़ प्रभावितों के रहने के लिए अस्थायी शिविरों में बनाए हैं। रुद्रपुर क्षेत्र में लगभग 6000 पीड़ित परिवार हैं। करीब 2000 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास खाने,पहनने-ओढ़ने के लिए कुछ नहीं बचा। मवेशी खुले आसमान में रह रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी-किताबें, बस्ते तक बाढ़ में बह गए। आपदा के इस हालात में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा कार्य कर रहा है। प्रारंभिक दिनों से ही प्रशासन का सहयोग करते हुए सेवा कार्य शुरू किया, सबसे पहले स्वयंसेवको की टोलियां बनाकर भोजन बनाने और वितरण का कार्य किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बेस कैंप बनाया और यहां शहरवासियों की मदद से राहत सामग्री जुटाई । राहत सामग्री  वितरण के लिए बनाए दो केंद्रों दूधिया बाबा आश्रम और सरस्वती शिशु मंदिर से पका भोजन, कच्चा राशन, कपड़े स्वयंसेवको की टोलियां सुबह-शाम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों तक पहुंचा रही हैं। दूधिया बाबा आश्रम वितरण केंद्र से- रामपुरा, रेशम बाड़ी, भूत बंगला, खेड़ा ,वगवाड़ा भट्टा क्षेत्र के आपदा पीड़ित लोग यहां से सामग्री प्राप्त कर रहे हैं।

सरस्वती शिशु मंदिर वितरण केंद्र से शिव नगर, संजय नगर, खेड़ा, कृष्णा कॉलोनी, खड्डा कॉलोनी के लोग राहत सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावितों की सहायता में ओढ़ने के लिए कंबल, तिरपाल, बर्तनों का सेट (एक भगोना, एक फ्राईपैन, दो थाली, दो गिलास, दो कटोरी करछी)  अभी तक 1107  परिवारों तक यह सहायता पहुंचाई गई है। अभी 970 परिवारों का पहचान करने का कार्य एवं राहत वितरण का कार्य चल रहा है।

आपदा राहत कार्य विभाग प्रचारक नरेंद्र जी की निगरानी में चल रहा है। आपदा राहत प्रमुख विशाल खेड़ा, राहत सामग्री वितरण प्रमुख धीरेंद्र भट्ट, नीरज त्यागी, विजय बहादुर, अशोक जायसवाल, निखलेश शांडिल्य, बरीत सिंह की टोलियां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवा कार्य मे लगी हुई हैं।
 

Comments

Also read:रंगाहरि जी की नई मलयालम पुस्तक 'व्यास भारततिले भीष्मर' लोकार्पित ..

सत्ता, सलीब और षड्यंत्र! Common Agenda of Missionaries of Charities and few political parties

मिशनरीज़ आफ चैरिटीज़- सेवा की आड़ में धर्मांतरण और दूसरी गतिविधियों में लिप्त संस्था। ऐसी संस्था का भारत के चंद राजनीतिक दलों से क्या कोई संबंध है, क्या ऐसे दलों और मिशनरीज़ का कोई साझा स्वार्थ या एजेंडा है? देखिए पान्चजन्य की विशेष पड़ताल ।
Missionaries of Charities - An organization indulging in conversion and other activities under the guise of service. Does such an institution have any relation with the few political parties of India, do such parties and missionaries have any common interest or agenda? Watch Panchjanya's special investigation.

Download Panchjanya Mobile App:
Mobile App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.panchjanya.panchjanya
Visit Us At:
Website: https://www.panchjanya.com/
Follow us on:
Facebook: https://www.facebook.com/epanchjanya/
Koo: https://www.kooapp.com/profile/ePanchjanya
Twitter: https://twitter.com/epanchjanya
Telegram Channel: https://t.me/epanchjanya

Also read:सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला प्रमुख पत्र ..

भारतीय राजनीति में हिन्दुत्व कहां है?
कलम के धनी भाऊराव देवरस

दीन के दयाल का ‘दर्शन’

एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय पाञ्चजन्य के जीवनपर्यन्त न ही सिर्फ मार्गदर्शक बने रहे बल्कि राष्ट्र निर्माण, विभिन्न राष्ट्रीय विषयों और सार्वजनिक जीवन के संदर्भ में अपने आलेखों से पाठकों और देश को एक दृष्टि दी। अपनी पत्रकारीय यात्रा के 75वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर जब पाञ्चजन्य ने जब अपने अभिलेखागार से दीनदयाल जी के पुराने प्रकाशित आलेखों का पुनरावलोकन किया तो उनकी दृष्टि आज भी प्रासंगिक दिखी। पाञ्चजन्य के अभिलेखागार में दीनदयाल जी का जो पहला आलेख मिलता है, वह पहले वर्ष ...

दीन के दयाल का ‘दर्शन’